अमित शाह का बयान : अकेले ही लड़ना होगा आपको चुनाव, महाराष्ट्र में टूटेगी गठबंधन सरकार

 

 

मुंबई : शिवसेना और बीजेपी का भले ही महाराष्ट्र और केंद्र सरकार में गठबंधन हो, लेकिन शिवसेना की बीजेपी को लेकर तल्खी उसके बयानों में साफ झलकती है. शुक्रवार को संसद में मॉनसून सत्र कें दौरान विपक्षी दलों द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर भी शिवसेना ने सरकार का साथ नहीं दिया, बल्कि सदन की बहस में भी हिस्सा नहीं लिया था. इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए बीजेपी ने आगामी लोकसभा चुनावों में महाराष्ट्र में अकेले ही चुनाव लड़ने के संकेत दिए हैं. बता दें कि अविश्वास प्रस्ताव के दौरान शिवसेना ने पहले तो प्रस्‍ताव के विरोध में वोट करने के लिए व्हिप जारी किया था लेकिन बाद में व्हिप वापस ले लिया था. इतना ही नहीं शिवसेना नेताओं ने संसद में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के भाषण की भी जमकर तारीफ की थी. शिवसेना के इस कदम से बीजेपी नाराज है. महाराष्ट्र में लोकसभा की 48 सीटें हैं और विधानसभा की 288 सीटें हैं और दोनों ही जगहों पर शिवसेना और बीजेपी के बीच तालमेल है. इतना ही नहीं बीएमसी में भी दोनों ही दलों के गठबंधन की सरकार है.

 

 

 

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह रविवार को महाराष्ट्र के दौरे पर थे. इस दौरान उन्होंने महाराष्ट्र बीजेपी नेताओं और सगंठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ एक बैठक भी की. बैठक को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कार्यकर्ताओं को आगामी लोकसभा चुनावों में महाराष्ट्र की सभी सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने के लिए संगठन को मजबूत और चुनावों की तैयारी करने के लिए कहा. उन्होंने तो यहां तक कहा कि सूबे में बीजेपी की स्थिति इतनी मजबूत होनी चाहिए कि अगर शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी मिलकर भी चुनाव लड़ें तो बीजेपी को ना हरा सकें. पार्टी अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं से चुनावों की तैयारी के ‘एक बूथ 25 यूथ’ के फॉर्मूले पर काम करने के लिए कहा. उन्होंने कहा कि हर बूथ से बाइक रखने वाले 5 लोगों को जोड़ा जाए. हर बूथ में मंदिर, मस्जिद और उनके संचालकों के नाम भी होने चाहिए.

 

 

 

अमित शाह ने कहा कि चाहे लोकसभा का चुनाव हो या फिर विधानसभा का, बीजेपी को कम से कम 51 फीसदी वोट मिलने का लक्ष्य तय करते हुए काम करना होगा. उन्होंने कहा कि सभी नेता और कार्यकर्ता सक्रिय होकर सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं. और सभी लाभार्थियों की लिस्ट तैयार करें. पार्टि अध्यक्ष ने कहा कि हर बूथ पर हर समूदाय के लोगों को जोड़ा जाए और कोशिश यह हो कि एक कार्यकर्ता कम से कम 5 घरों तक पहुंच बनाने का टारगेट लेकर काम करे. इलाके में अन्य पार्टियों की गतिविधियों पर भी नजर रखी जाए. खासकर विपक्षी दलों के नाराज कार्यकर्ताओं की लिस्ट तैयार करके उनसे संपर्क किया जाए.

 

 

 

पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधन करने के अलावा अमित शाह ने ‘संपर्क फॉर समर्थन’ अभियान के तहत के भी कई गणमान्य लोगों से मुलाकात की. उन्होंने स्वर साम्राज्ञी लता मंगेशकर से उनके निवास पर मुलाकात की. इससे पहले इस अभियान की शुरूआत में अमित शाह ने शिवसेना प्रमुख से भी उनके निवास पर उनसे मुलाकात की थी. उस समय माना जा रहा था कि इस मुलाकात से दोनों दलों को रिश्तों के बीच जमी बर्फ पिघलेगी और रिश्तों में फिर गर्माहट आएगी.

 

 

 

पीएम मोदी को बताया ‘फ्रांस’ तो राहुल ‘क्रोएशिया’
शिवसेना ने शुक्रवार को अविश्वास प्रस्ताव पर हुई बहस के दौरान राहुल गांधी और प्रधानमंत्री मोदी के भाषण पर भी कटाक्ष किया था. शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि फुटबॉल विश्व कप फाइनल में फ्रांस ने (खिताब) जीता, लेकिन क्रोएशिया जिस तरह से खेली उसके लिए उसे याद किया जाएगा. राहुल गांधी के बारे में अब उसी तरह से चर्चा हो रही है. जब कोई इस तरह से राजनीति करता है तो 4-5 कदम आगे बढ़ता है.

 

 

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