कैसे पॉलिथीन मुक्त होगा राज्य, बाजार में मिल रहे प्लास्टिक के झंडे

 

राज्य को पॉलिथीन मुक्त बनाने के लिए पिछले दो महीने से अभियान चल रहा रहा है और 15 अगस्त तक इसे पूरा करने की चुनौती है। अधिकारियों की सुस्ती के चलते यह अभियान अधर में है। बाजार में प्लास्टिक के झंडे अभियान को ठेंगा दिखा रहे हैं। हालांकि वर्ष 2002 में ही गृह मंत्रालय ने प्लास्टिक के झंडों को प्रतिबंधित कर दिया गया था। मगर, बनारस की सड़कों पर खुलेआम की इसकी बिक्री की जा रही है।

 

मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने 15 जुलाई से 15 अगस्त तक पॉलिथीन के उपयोग पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। इस आदेश के बाद अधिकारियों की टीम ने शहर में अभियान चलाकर कार्रवाई कर रहे थे। इस में अब तक डेढ़ क्विंटल पॉलिथीन जब्त हुई और पौने दो लाख रुपये जुर्माना भी वसूला गया है। हालांकि पॉलिथीन पर प्रतिबंध का असर दिख रहा है, मगर छोटे दुकानदार गुपचुप अब भी पॉलिथीन का उपयोग कर रहे हैं।

 

सोमवार को 15 अगस्त की तैयारियों के लिए सजी दुकानों पर प्लास्टिक के झंडे बिक रहे हैं। जहां सामाजिक संस्थाएं लोगों को जागरूक करने में लगी हुई हैं, रैलियां निकालकर कपड़े के झोले बांट रहे हैं। वहीं अधिकारी अब सुस्त हो गए हैं।

 

गृह मंत्रालय ने स्वतंत्रता दिवस से पहले एडवाइजरी जारी कर प्लास्टिक के झंडों के उपयोग नहीं करने की अपील की है। बावजूद इसके बनारस में बिक रहे प्लास्टिक के झंडे प्रशासन की उदासीनता को जाहिर कर रहे हैं। मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने कहा कि पॉलिथीन मुक्त राज्य के लिए प्रशासन के साथ आम जनता प्रतिबद्ध है। पालिथीन और प्लास्टिक के झंडों की बिक्री करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

 

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