पीएम मोदी ने UP को दी हजारों करोड़ की सौगात, बोले- मैंने कहा था, ब्याज के साथ लौटाऊंगा प्यार

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को लखनऊ में 60 हजार करोड़ की 81 परियोजनाओं का शिलान्यास किया. इस दौरान पीएम मोदी ने गोमतीनगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में इतने बड़े निवेश कीे परियोजनाओं को कागज से धरातल पर उतारने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ ही उनके सभी अफसरों को बधाई दी.

अपने संबोधन की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश के बड़े हिस्से में बारिश भी हो रही है. मौसम की मेहरबानी खेती, अर्थव्यवस्था के लिए उम्मीदों से भरी हुई है लेकिन देश के कुछ हिस्सों में लोगों को तकलीफ भी हो रही है. सरकार ने नजर रखी है और राज्य सरकारों से मिलकर मदद पहुंचाई जा रही है.

अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने यूपी के मंत्री सतीश महाना से कहा, ‘मैं लंबे अरसे तक मुख्यमंत्री रहा हूं. औद्योगिक गतिविधि से जुड़े राज्य से आया हूं. 60 हजार करोड़ रुपये का निवेश कम नहीं होता. आपको अंदाजा नहीं है कि आपने अकल्पनीय कार्य किया है.’ पीएम मोदी ने कहा, ‘मैं जानता हूं पूंजी निवेश में कैसी-कैसी दिक्कत आती है. इन सारे संकटों को पार करते हुए पांच महीने के भीतर यह अवसर लाना, पूंजी निवेश का कार्य आरंभ करना, बड़ी सफलता है.’

 

‘ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी नहीं ये है रिकॉर्ड ब्रेकिंग सेरेमनी’

पीएम ने कहा कि ये नेतृत्व की सफलता है कि इतने कम समय में पूरी टीम एक दिशा में आगे बढ़ी है. अलग-अलग सेक्टर के लिए पॉलिसीज बनीं. ये उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी सिद्धि है. पीएम ने कहा कि लोग इसे ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी कह रहे हैं, मैं इसे रिकॉर्ड ब्रेकिंग सेरेमनी कहना चाहूंगा. मुख्यमंत्री योगी ने यहां निवेश के अनुकूल माहौल बनाया है. मुख्यमंत्री से लेकर पटवारी तक सारी टीम एक समान दिशा में सोचकर आगे बढ़ी. दूसरी खुशी की बात है कि आपने इन सारी चीजों को किसी इंडीविजुअल के लिए नहीं छोड़ा. हर सेक्टर के लिए पॉलिसी बनाई.

 

‘एक ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनाने वाली रफ्तार है ये’

पीएम ने कहा कि मुझे पता है निवेश करवाने में कितनी मेहनत लगती है. राज्य के लिए प्रतिबद्धता होती है, तो रास्ते भी निकलते हैं. पीएम ने कहा कि आज का यह आयोजन उत्तर प्रदेश पर बढ़ते भरोसे, उत्साह व विकास का प्रतीक है. मुझे उम्मीद है कि जिस स्पीड से आप आगे बढ़ रहे हैं, उससे एक ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनने में ज्यादा वक्त नहीं लगेगा.

‘महात्मा गांधी को बिड़ला जी के साथ रहने में कभी दिक्कत नहीं हुई’

प्रधानमंत्री ने कहा कि जब नीयत साफ हो, इरादे नेक हों तो परिणाम दिखता है. महात्मा गांधी का जीवन इतना पवित्र था लेकिन उनको बिड़ला जी के साथ रहने में कभी दिक्कत नहीं हुई है, क्योंकि उनकी नीयत साफ थी.

हिन्दुस्तान को बनाने में बैंक, किसान, सरकार के मुलाजिम, मजदूर की मेहनत काम करती है, वैसे ही उद्योगपतियों की भी देश को बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका होती है. जो प्रोजेक्ट्स आज शुरू हुए हैं, उससे दो लाख से अधिक युवाओं को सीधा रोजगार मिलने वाला है. यहां उद्योग लगेंगे और स्थानीय लोगों को भी अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा.

 

‘ये प्रोजैक्ट प्यार को ब्याज के साथ लौटाने की कड़ी का हिस्सा’

इस दौरान पीएम ने कहा कि मैंने यूपी की 22 करोड़ जनता को कहा था कि उनके प्यार को ब्याज के साथ लौटाऊंगा. ये प्रोजेक्ट उसी कड़ी का हिस्सा हैं. डिजिटल इंडिया व मेक इन इंडिया अभियान को आगे बढ़ाने की दिशा में काम हो रहा है. हम ऐसी व्यवस्था खड़ी करना चाहते हैं, जिसमें किसी के साथ भेदभाव न हो. सबके साथ समान व्यवहार हो. सबका साथ-सबका विकास अपना संकल्प है.

गांवों में कॉमन सर्विस सेंटर व शहरों में फ्री वाई-फाई, सस्ता मोबाइल इंटरनेट गरीब वर्ग के जीवन को सुगम बनाने का काम कर रहा है. आईटी सेक्टर हमारी ताकत है. आईटी एक्सपोर्ट उच्चतम स्तर पर है. मोबाइल फोन सस्ते हुए हैं. इसका फायदा डिजिटल इंडिया को हुआ है. हम मोबाइल फोन बनाने में दूसरे नंबर पर पहुंच गए हैं. यूपी में 50 से अधिक मोबाइल फोन बनाने वाली फैक्ट्रियां काम कर रही हैं. आज जिन फैक्ट्रियों का शिलान्यास हुआ है, उनमें मोबाइल फैक्ट्रियां भी हैं.

‘जीएसटी ने उद्योग जगत को मिल रहा फायदा’

वर्षों से जो जीएसटी अटका हुआ था, उसने देश को टैक्स के जाल से मुक्त किया है. इसका भी फायदा उद्योग जगत को हुआ है. बीते वर्ष देश में उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं. मेड इन इंडिया को बल दिया जा रहा है. इसका लाभ लघु उद्योगों को मिल रहा है.

पीएम ने कहा कि एक वर्ष में योगी जी के नेतृत्व में जो काम हुआ है, वह शानदार है. निवेशकों को भरोसा दिलाना चाहता हूं कि प्रगति की दौड़ में और तेजी से आगे बढ़ना है. जैसे-जैसे प्रोजेक्ट तैयार होते जाएंगे, देश में निवेश करना और आसान हो जाएगा.

उन्होंने कहा कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी कहते रहे हैं कि वो ऐसा भारत देखना चाहते हैं जो समृद्ध हो, सक्षम हो और संवेदनशील हो. जहां गांव और शहरों के बीच खाई ना हो. जहां केंद्र और राज्य में, श्रम और पूंजी में, प्रशासन और नागरिक में गैप न हो.