राजनाथ सिंह : विशेष राज्य से ज्यादा आर्थिक सहायता दी जाती है आंध्र प्रदेश को

राज्यसभा में आज विपक्ष ने नरेन्द्र मोदी सरकार पर आंध्र प्रदेश के विभाजन के समय संसद में किए गये वादों को पूरा नहीं करने और राज्य की जनता के साथ ‘छल’ करने का आरोप लगाया. विपक्ष के इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि इस संबंध में किए गये सभी वादों को केन्द्र हू-ब-हू पूरा करेगा.

गृह मंत्री राजनाथ सिंह और वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने दावा किया कि विशेष राज्य का दर्जा मिलने से आंध्र प्रदेश को जो सहायता मिलती है उससे कहीं ज्यादा सहायता अभी दी जा रही है.

राजनाथ सिंह आंध प्रदेश पुनर्गठन कानून, 2014 के उपबंधों को लागू नहीं किए जाने के संबंध में उच्च सदन में अल्पकालिक चर्चा का जवाब दे रहे थे. उन्होंने कहा कि तात्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने संसद में आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य देने का वादा किया था. किंतु इस वादे का 14वें वित्त आयोग की सिफारिशों के चलते आपस में टकराव हो रहा है. उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य को विशेष राज्य का दर्जा मिलने से जो आर्थिक सुविधाएं मिलती, उससे कहीं अधिक राशि वर्तमान केन्द्र सरकार ने स्वीकृत कर दी हैं.

गृहमंत्री ने कहा कि उनकी जानकारी के अनुसार 90 प्रतिशत वादे पूरे किए जा चुके हैं और शेष 10 प्रतिशत को भी पूरा करेंगे. टीडीपी के वाई एस चौधरी ने कहा कि आंध्र प्रदेश के लोगों ने भाजपा नीत सरकार पर चार साल तक भरोसा किया अब वहां के लोग निराश और दुखी हैं क्योंकि उनके साथ ‘छल’ किया गया है.

न्होंने आरोप लगाया कि इस सरकार ने कैबिनेट के फैसले को भी लागू नहीं किया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने चुनाव के दौरान तीन बार कहा था कि राज्य को विशेष दर्जा देंगे.

चर्चा में हस्तक्षेप करते हुए वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, ‘‘आप केवल शब्दों पर न जाए..उद्देश्य यह है कि आंध्र प्रदेश के लोगों को फायदा मिले और मोदी सरकार इसके लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. हमने जितनी भी प्रतिबद्धता की है, हम उसका प्रत्येक रूपया देने को तैयार हैं. व्यवस्था के शब्दों पर नहीं, उसकी भावना पर जाइये.’’ गोयल ने कहा कि आंध्र प्रदेश को विशेष श्रेणी का राज्य बनने से कोई अतिरिक्त धन नहीं मिल सकता है.

उन्होंने कहा कि राज्य को राजस्व घाटा अनुदान के रूप में 22 हजार करोड़ रूपये दिये गये हैं। उन्होंने कहा, ‘‘विशेष श्रेणी के राज्य के तौर पर यदि हमें सभी योजनाओं को 90:10 के रूप में गणना करनी पड़े तो यह राजस्व घाटा अनुदान महज 17,500 करोड़ रूपये ही बनेगा.’’

भाजपा के जी वी एल नरसिंह राव ने आरोप लगाया कि आंध्र प्रदेश सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए केंद्र पर दोषारोपण कर रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि टीडीपी जनता को इस मुद्दे पर गुमराह कर रही है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में लोगों को भड़काया जा रहा है.

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