India Ahead News से अखिलेश यादव बोले- किसानों के आंदोलन का समर्थन करने वाले सपा कार्यकर्ताओं के भी मुकदमे वापस ले सरकार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा तीनों कृषि कानूनों (Farm Laws) को वापस लेने की घोषणा के तमाम राजनीतिक दलों के नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इसी मुद्दे को लेकर India Ahead News ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) से बातचीत की। इस दौरान पीएम मोदी के फैसले से किसानों को राहत मिलने के सवाल पर सपा चीफ ने कहा कि इसे राहत तब मानेंगे जब एमएसपी के लिए कोई कानून आ जाएगा।

अखिलेश यादव ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में जो धान खरीद हो रही है, कहीं भी किसान को उसकी कीमत नहीं मिल रही है। धान की सबसे ज्यादा बर्बादी अगर कहीं हुई बारिश से, तो वह भारतीय जनता पार्टी की सरकार में हुई, पानी बरसा उस समय कहां मदद पहुंची सरकार की। आज धान कोई भी नहीं खरीद रहा है। खाद मिल नहीं रही है। खाद महंगी हो गई है। कीटनाशक दवाइयां महंगी हो गई हैं। डीएपी महंगी हो गई है, वो मिल नहीं रही है। आखिर जिम्मेदार कौन है? अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी का मानना है कि जब तक एमएसपी लागू नहीं होगी, एमएसपी के लिए कानून नहीं बनेगा तब तक किसानों को उनका लाभ नहीं पहुंचेगा।

India Ahead News ने जब उनसे सवाल किया कि इस आंदोलन के दौरान 600 से 650 किसानों की मृत्यु हो गई, किसी ने उनकी सुध नहीं ली, सरकार भी इस पर मौन रही। अब जब इस कानून को वापस लिया गया तो कहीं न कहीं उनके प्रति भी जवाबदेही बनती है सरकार की? इस सवाल के जवाब में अखिलेश यादव ने कहा कि इतना किसान कभी अपमानित नहीं हुआ, जिस तरीके से उसे अपमान का सामना करना पड़ा। किस भाषा का इस्तेमाल हुआ, उन्हें आतंकवादी तक कहा गया। उन अन्नदाताओं को जो हमें खाने को देते हैं और जो कपड़ा पहनने को देते हैं, उनके साथ भारतीय जनता पार्टी का ये व्यवहार रहा।

सपा चीफ ने कहा कि न जाने कितने ऐसे नेता कार्यकर्ता हैं, जिनपर मुकदमे दर्ज हैं। जब कानून आपने वापस ले लिया तो क्या उनके मुकदमे वापस लेंगे कि नहीं लेंगे और जिनकी जान चली गई उन्हें कौन वापस लाएगा। ये जिम्मेदारी किसकी है? अगर किसानों की जान गई तो जिम्मेदारी किसकी है? क्या जिन किसानों की मौत हो गई वो वापस आएंगे? क्या भारतीय जनता पार्टी ये बताएगी कि वो वापस आ जाएंगे।

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25 अक्टूबर को ही आपने ये अंदेशा जता दिया था और कहा था कि कि ये कानून वापस होंगे और ठीक जब चुनाव आने को हैं तब ये कानून वापस हुआ, इसे कैसे देखते हैं? इस पर अखिलेश यादव ने कहा कि केवल यही रास्ता था कानून वापस लेने का। क्या नया दिखाएं जनता को, जिस कानून से नाराजगी है जनता को। किसान को कोई भला नहीं हो रहा है। अर्थव्यवस्था चौपट कर दी। किसान अगर खड़ा नहीं होता तो अर्थव्यवस्था नहीं चल सकती आपकी। इसलिए केवल चुनाव को देखते हुए भाजपा ने ये फैसला किया। अखिलेश यादव ने आगे कहा कि 2022 विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी का सफाया होगा। भाजपा जो माफी मांग रही है, जनता उसे माफ नहीं करेगी, किसान माफ नहीं करेंगे। इस बार चुनाव में भाजपा साफ होगी।

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