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BSNL ने 20 हजार करोड़ रुपए जुटाने के लिए बिक्री योग्य 14 संपत्तियों की पहचान की

BSNL

सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनी बीएसएनल (BSNL) ने संपत्तियां बेचकर पैसे जुटाने की महत्वकांक्षी योजना के तहत 20,160 करोड़ रुपए की 14 संपत्तियों की लिस्ट निवेश एवं लोक संपत्ति प्रबधंन विभाग (दीपम) को सौंप दी है।

बीएसएनएल के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) पीके पुरवार ने कहा कि कंपनी अपनी संपत्तियों को बेचकर पैसे जुटाने की हर संभव प्रयास कर रही है। कंपनी ने दीपम के जरिए 20 हजार करोड़ रुपए जुटाने के लिए 14 संपत्तियों की पहचान की है। उन्होंने यह भी कहा कि ये सपंत्तियां मुबंई, तिरुवनंतपुरम, चेन्नई, गाजियाबाद और अन्य स्थानों पर हैं।

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बता दें कि वित्त वर्ष 2017-18 में बीएसएनएल को 31,287 करोड़ का नुकसान हुआ था। कंपनी में फिलहाल 1.76 लाख कर्मचारी कार्यरत हैं। वीआरएस देने से कर्मचारियों की संख्या अगले पांच सालों में 75 हजार रह जाएगी। पिछले 10 में से 9 साल घाटे में रही बीएसएनएल और एमटीएनएल अगले तीन सालों में 37,500 करोड़ रुपए विनिवेश से जुटाने का लक्ष्य लेकर चल रही है।

सरकार ने कर्ज में डूबी कंपनियों का खर्च घटाने के लिए कर्मचारियों को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का विकल्प दिया था। सरकारी दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल और एमटीएनएल के 92 हजार से ज्यादा कर्मचारियों ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति को चुना है। अक्टूबर में सरकार ने बीएसएनएल और एमटीएनएल को पटरी पर लाने के लिए 69,000 करोड़ रुपए के पुनरुद्धार पैकेज को मंजूरी दी थी।

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इन कंपनियों का इतना बकाया है पैसा

स्टरलाइट टेक्नोलॉजी – 500 करोड़ रुपये
तेजस नेटवर्क – 314 करोड़ रुपये
एचएफसीएल – 219 करोड़ रुपये
पैरामाउंट वायर्स एंड केबल्स – 168 करोड़ रुपये
वीएलएल – 150 करोड़ रुपये

हाल ही में बीएसएनएल ने वेंडरों का बकाया 1700 करोड़ रुपए का भुगतान किया था। इसके साथ ही कर्मचारियों को नवंबर माह का वेतन भी दिया गया था। एमटीएनएल और बीएसएनएल दोनों ही सरकारी दूरसंचार कंपनियों में भीषण नकदी का संकट चल रहा है।

इन दोनों ही कंपनियों का सबसे ज्यादा खर्च वेतन पर ही होता है। बीएसएनएल में जहां कुल आय का 75.06 फीसद हिस्सा वेतन पर लगाना पड़ता है, वहीं एमटीएनएल में यह आंकड़ा 87.15 फीसदी है। इसके मुकाबलने निजी कंपनियों में देखें तो यह आंकड़ा महज 2.9 फीसदी होता है।

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