Breaking Tube
Business

फिर लगा महंगाई का झटका, लगातार दूसरे महीने बढ़ी खुदरा मुद्रास्फीति दर, 6 साल के टॉप पर महंगाई

महंगाई से आम आदमी को राहत नहीं मिली है. जनवरी में देश की खुदरा महंगाई (Retail Inflation) 6 साल के उच्चतम स्तर पहुंच गई. जनवरी में खुदरा महंगाई 7.59 फीसदी रही. खुदरा मुद्रास्फीति का यह साढ़े पांच साल का उच्च स्तर है. इससे पहले मई 2014 में यह 8.33% थी. केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (CSO) ने बुधवार को आंकड़े जारी किए. अनाजों व दालों की कीमतों में इजाफा होने के बाद खुदरा महंगाई दर में इतनी तेजी आई है. नवंबर 2019 में खुदरा महंगाई दर 5.54 फीसदी रही थी. यह लगातार चौथा महीना है जब खुदरा महंगाई भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के महंगाई लक्ष्य 4 फीसदी के ऊपर गई है.


सरकारी आंकड़ों के अनुसार उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित खुदरा मुद्रास्फीति दिसंबर 2019 में 7.35% रही थी और पिछले साल जनवरी महीने में यह 1.97 प्रतिशत थी. राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार खुदरा मुद्रास्फीति में यदि खाद्य मुद्रास्फीति की बात की जाए तो जनवरी, 2020 में यह 13.63% रही, जबकि एक महीने पहले दिसंबर, 2019 में यह 14.19% थी. हालांकि, जनवरी 2019 में इसमें 2.24% की गिरावट दर्ज की गई थी.



सब्जियों के मामले में महंगाई दर सालाना आधार पर इस साल जनवरी में उछलकर 50.19 प्रतिशत हो गई जबकि दलहन और उससे बने उत्पादों की मुद्रास्फीति बढ़कर 16.71 प्रतिशत रही. मांस और मछली जैसे अधिक प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों की महंगाई दर 10.50 प्रतिशत रही, जबकि अंडे के मूल्य में 10.41 प्रतिशत का उछाल आया. आंकड़े के अनुसार खाद्य और पेय पदार्थ श्रेणी में महंगाई दर 11.79 प्रतिशत रही. मकान जनवरी 2020 में 4.20 प्रतिशत महंगे हुए, जबकि ईंधन और प्रकाश श्रेणी में मुद्रास्फीति 3.66 प्रतिशत रही.


अर्थशास्त्रियों ने जताई चिंता

इक्रा की प्रधान अर्थशास्त्री अदिति नायर ने का कहना है कि विभिन्न श्रेणियों में दामों में तेजी को देखते हुए खाद्य मुद्रास्फीति चिंताजनक है. प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ के दाम ऊंचे बने रहने की आशंका है. उन्होंने कहा कि इसके अलावा मुख्य मुद्रास्फीति का इस साल जनवरी में 4.1 प्रतिशत पर रहना भी चिंता का कारण है. नायर ने कहा कि खुदरा मुद्रास्फीति में वृद्धि के बावजूद रिजर्व बैंक का मौद्रिक नीति को लेकर रुख नरम रहने की संभावना है. यह स्थिति तब तक रह सकती है जबतक मौद्रिक नीति समिति यह नहीं देखती है कि उत्पादन अंतर नकारात्मक हो गया है.


Also Read: दिल्ली चुनाव के बाद जनता पर महंगाई की मार, एक ही झटके में 150 रुपये महंगी हुई रसोई गैस


( देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं. )

Related news

NDTV पर SEBI का बड़ा एक्शन- प्रणय और राधिका रॉय कंपनी में नहीं ले सकेंगे कोई शीर्ष पद, पूंजी बाजार में कारोबार करने पर 2 साल तक बैन

BT Bureau

चौथे दिन डीजल की कीमतों में कटौती जारी, पेट्रोल के कम नहीं हुए तेवर

admin

केंद्र सरकार ने इन उद्योगों को 20 अप्रैल से शुरू करने की दी अनुमति, निर्देशों का करना होगा पालन

BT Bureau