Magh Mela 2022: माघ मेले पर मंडरा रहा ओमिक्रॉन का खतरा, साधु-संतों के लिए जारी हुई एडवाइजरी

उत्तर प्रदेश में बढ़ते कोरोना के अलावा ओमिक्रॉन के मामलों को देखते हुए अब प्रयागराज माघ मेला प्रशासन भी अलर्ट हो गया है. कोविड की थर्ड वेब की आशंका को देखते हुए माघ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं, साधु-संतों और कल्पवासियों के लिए कोविड वैक्सीन की दोनों डोज के वैक्सीनेशन का सर्टिफिकेट या फिर 72 घंटे पहले की आरटीपीसीआर (RTPCR) रिपोर्ट लाना अनिवार्य कर दिया गया है. इतना ही नहीम इस बार मेले में कोविड टेस्ट और वैक्सीनेशन की मोबाइल टीमें भी मौजूद रहेंगी जोकि हर कैंप में जाकर टेस्ट करेगी.

15 एंट्री प्वाइंटस पर कराया जा रहा कोविड टेस्ट

जानकारी के मुताबिक, कोरोना के साथ साथ ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों को देखते हुए अब सभी जगह सख्ती बरतना शुरु कर दिया गया है. इसी क्रम में प्रयागराज में माघ के महीने में गंगा-यमुना और अदृश्य सरस्वती की त्रिवेणी के तट पर लगने वाले आस्था के सबसे बड़े मेले के सभी 15 एंट्री प्वाइंटस पर भी कोविड टेस्ट कराया जा रहा है.

यहां आने वाले श्रद्धालुओं,साधु-संतों और कल्पवासियों की थर्मल स्क्रीनिंग और कोविड जांच भी करायी जाएगी. इसके साथ ही साथ मेले में वैक्सीनेशन सेंटर भी बनाया गया है. जहां पर जिन लोगों ने अब तक वैक्सीन नहीं लगवाई है, वह लोग यहां पर वैक्सीन लगवा रहे हैं.

मास्क को प्रयोग है अनिवार्य

इसके साथ ही मेला अधिकारी शेषमणि पांडेय ने बताया कि मेले में आने वाले साधु- संतों और संस्थाओं के साथ बैठक कर एडवाइजरी जारी कर दी गई है. मेले में जो लोग भी आ रहे हैं कोविड वैक्सीन की दोनों डोज का वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट लेकर जरूर आयें और अनिवार्य रूप से मास्क का भी प्रयोग करें.

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