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CAA हिंसा: मेरठ से गिरफ्तार मो. अनीस का कबूलनामा, पुलिस पर गोलियां बरसाने के लिए PFI ने दी थी ट्रेनिंग

मेरठ (Meerut) में दिनांक 20 दिसंबर 2019 को हुई हिंसात्मक घटनाओं के चलते 10 जनवरी पुलिस पर फायरिंग करने वाले अनस और अनीस को गिरफ्तार किया गया. जिसके पास से 32 बोर का कंट्री मेड पिस्टल, दो जिंदा कारतूस बरामद हुआ था और उसकी निशानदेही पर उसके आवास से 315 बोर के दो तमंचे, 12 बोर का एक तमंचा ,315 बोर के 12 कारतूस और 12 बोर के छह कारतूस बरामद हुए थे. अनीस ने का केवल अपना गुनाह कबूला है बल्कि ये बताया है कि 1987 के दंगे में पुलिस ने उसके भाई रईस की हत्या कर दी थी. जिसका बदला लेने के लिये वह पीएफआई से जुड़ा था.


तीन लोगों ने की थी फायरिंग

जानकारी के मुताबिक, मेरठ (Meerut) जिले के थाना लिसाड़ी गेट पर 11 जनवरी 2020 को परवेज़ गिरफ्तार किया गया. जिसके पास से 315 बोर का एक तमंचा और दो कारतूस और मोहसिन को 12 बोर के तमंचे और दो जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया गया. दिनांक 14 जनवरी 2020 को अनीस खलीफा नामक व्यक्ति गिरफ्तार किया गया, जिसके पास से 9mm का एक कंट्रीमेड पिस्तौल, दो कारतूस और एक तमंचा 315 बोर मय तीन जिंदा कारतूस बरामद किया गया.


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यह तीनों 20 दिसंबर,2019 की हिंसात्मक घटना में फायरिंग करने में सम्मिलित थे. अनीस खलीफा ने पूछताछ में बताया कि 1987 में मेरठ (Meerut) में हुए दंगे में उसके भाई की हत्या हो गई थी. 20 दिसंबर 2019 को जब इस तरह की गतिविधियों की संभावना थी तो उसने अपने साथियों के साथ तैयारी किया था कि उसको बदला लेना है. इसके आधार पर साथियों को मोटिवेट किया और फायरिंग जैसी घटना को अंजाम दिया था. फायरिंग करने में इसका भी वीडियो वायरल हुआ था. फायरिंग करने वाले की पहचान अनस एंव अनीस खलीफा के रूप में हुई है.


किया सनसनीखेज खुलासा

अमर उजाला अख़बार के मुताबिक, अनीस ने बताया कि 1987 के दंगे में पुलिस ने उसके भाई रईस की हत्या कर दी थी, जिसका बदला लेने के लिये वह पीएफआई से जुड़ा था. अयोध्या प्रकरण में फैसला आने के बाद खलीफा पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) से जुड़ गया था. पीएफआई के लोग लिसाड़ीगेट में घर-घर जाकर लोगों को उकसा रहे थे. सीएए लागू होने का विरोध करते हुए लोगों को भड़काया गया. 20 दिसंबर को जुमे की नमाज के बाद पुलिस पर हमले की पूरी रणनीति तैयार की गई थी. जिसमें खलीफा और सात-आठ युवकों को पुलिस पर गोलियां चलाने के लिए तैयार किया गया. इस प्लानिंग के तहत हिंसा में पुलिस फोर्स पर गोलियां चलाई थीं.


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