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मुजफ्फरनगर: CAA प्रोटेस्ट के दौरान छात्रों के साथ दुष्कर्म की ‘फेक न्यूज’ पर SIT जांच शुरु, दुष्प्रचार से आहत मदरसा संचालक ने दर्ज कराई FIR

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध में प्रदर्शन के दौरान मदरसा छात्रों के संबंध में सोशल मीडिया में फैली फेक न्यूज को लेकर एसआइटी जांच सोमवार से शुरु हो गई है. दरअसल पिछले काफी समय से प्रोटेस्ट के दौरान मदरसा छात्रों के साथ दुष्कर्म की खबर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही थी, जिससे आहत होकर मदरसा संचालक फेक न्यूज फैलाने वालों के खिलाफ अज्ञात में एफआईआर दर्ज कराई थी, जिस पर अब जांच शुरु हो गई है.


मदरसा बच्चों के उत्पीड़न की भ्रामक सूचनाओं से आहत मदरसा संचालक मो नईम ने कराई एफआईआर, जिले में सीएए के खिलाफ हुए हिंसक प्रदर्शन के दौरान उपद्रवियों की एक भीड़ मदरसे में घुस कर उत्पात मचा रही थी, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ना सिर्फ मदरसे के बच्चों को इन उपद्रवियों से बचाया बल्कि उनकी मदद की, लोगों ने इसकी सराहना भी की, पर कुछ शरारती तत्वों ने भ्रामक सूचनाएं फैलाईं कि पुलिस ने बच्चों के साथ बदलसूकी की है, उससे आहत मदरसा संचालक ने मामला दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है. बता दें कि ट्वविटर पर फेक न्यूज फैलातें एक्ट्रेस स्वरा भास्कर, कविता कृष्णन समेत कई चर्चित चेहरे पाए गए थे.


एफआईआर के मुताबिक सीएए एनआरसी के विरोध में इकट्ठी भीड़ द्वारा तोड़फोड़ की कार्रवाई के दौरान मीनाक्षी चौक पर एकत्रित भीड़ में काफी संख्या में भीड़ सादात हॉस्टल के अंदर घुस गई थी. पुलिस द्वारा हल्का बल प्रयोग करते हुए शांति बहाली हेतु की गई कार्रवाई के दौरान हौजे से पढ़ने वाले छात्रों एवं हॉस्टल में घुसे बाहरी छात्रों को हिरासत में लिया गया था. उसी समय हौजे व सादात हॉस्टल के प्रबंधकों/ स्टाफ द्वारा किसी भी व्यक्ति की पहचान स्थापित नहीं की गई. उक्त घटनाक्रम के उपरांत हौजा/सादात हॉस्टल के प्रबंधक तंत्र द्वारा जो छात्र हौजे में अध्ययनरत रह रहे थे के बारे में बताए जाने पर उन बच्चों को जिला प्रशासन/पुलिस द्वारा बेकसूर पाते हुए मौके पर ही छोड़ दिया था. इस दौरान पुलिस का व्यवहार ठीक रहा था.


मदरसा संचालक के मुताबिक सोशल मीडिया, कुछ न्यूज चैनल एवं समाचार पत्रों आदि में सादात हॉस्टल व हौजा के छात्रों के साथ अमानवीय व्यवहार व दुष्कर्म किए जाने की कोई बात नहीं है. इस संबंध में हौजा के प्रबंध तंत्र/सभी छात्रों एवं कर्मचारियों से कुकर्म के बारे में पूछताछ की तो सारे आरोप निराधार पाए गए. दुष्कर्म जैसी खबर फेक है. यह वास्तविकता के विपरीत है, और शर्मनाक भी. मदरसा संचालक के मुताबिक किसी भी छात्र के साथ ऐसा नहीं हुआ.


वहीं इस मामले पर एसआइटी के एसपी क्राइम आरबी चौरसिया ने बताया कि इस घटना से संबंधित जितनी भी खबरें सोशल मीडिया पर चल रहीं हैं, वे सभी जांच में फर्जी पाईं गयीं. बाकी हम मामले की हर एंगल से जांच कर रहे है. एसपी के मुतबाकि सीएए विरोध में हिसा मामले में 51 केस दर्ज किए गए थे जिनमें 81 लोगों की गिरफ्तारी हुई थी.


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