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माइग्रेन की समस्या से निजात दिलाती है दालचीनी, इस प्रकार करें इस्तेमाल

लाइफस्टाइल: आज के समय में हम मानसिक कारणों से काफी बीमार होते जा रहे हैं, और इन सबकी वजह है हमारा भूत और भविष्य की कल्पना करना साथ ही न चाहते हुए भी उसके बारे में सोच-सोचकर खुद को परेशान करते रहना. इसके कारण हमारा मस्तिष्क काफी कमजोर सा होने लगा है. जिससे हमें स्ट्रेस, अनसाइटी और माइग्रेन जैसी भयंकर बीमारी का दर्द झेलना पड़ता है. इन दिनों माइग्रेन की समस्या से बच्चे से लेकर बड़े तक परेशान हैं. इसकी वजह और ईलाज दोनों ही आज के समय में बहुत मुश्किल है. क्योंकि ऐसे लोग जिन्हें माइग्रेन की समस्या है उन्हें दवाईयों से अधिक अपने रहन-सहन और दिनचर्या में बदलाव की जरूरत है. बता दें कि ये दर्द सिर के आम दर्द से बिलकुल अलग होता है. क्योंकि इस दर्द में उल्टियां भी होने लगती है.


माइग्रेन एक ऐसी बीमारी है जिसका दर्द कम से कम दो तीन दिन तक हमारे मस्तिष्क में बना रहता है. इस दर्द की वजह से सिर बहुत तेजी से दर्द होता है, और साथ ही चक्कर भी आने लगता है. सिर के दर्द का यह आयाम कभी कभी तो हमारे कंधे से लेकर जबड़े तक भी पहुंच जाता है. माइग्रेन का दर्द अकसर आँखों से ज्यादा प्रभाव छोड़ने लगता है. जब यह दर्द काफी तेजी से बढ़ने लगता है तब हमारा मस्तिष्क यह दर्द बर्दाश्त नहीं कर पाता है. कई लोगों को माइग्रेन के दर्द में आंखों में बिजली कौंधने जैसा भी महसूस होता है. माइग्रेन का दर्द शुरू होने से पहले ही संकेत देने लगता है. क्योंकि माइग्रेन का दर्द शुरु होने से पहले सिर में दर्द कि एक लहर सिर में उठने लगती है.


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आपको बता दें माइग्रेन की समस्या कई वजह से हो सकती है. माइग्रेन होने की सबसे प्रमुख वजह हमारा तनाव है. यह समस्या तब होती है जब ब्लड वेसेल्स फूल जाती हैं और नर्व फाइबर्स से केमिकल निकलने लगते हैं. ब्लड वेसेल्स के फूल जाने से मस्तिष्क में ब्लड सर्कुलेशन भी धीमा हो जाता है और दर्द शुरू हो जाता है. इसके अलावा सही समय पर खाना न खाया जाए तो एसिडीटी बनती है और इससे भी माइग्रेन हो जाता है. कई लोगों को माइग्रेन तेज शोर, तेज धूप या रोशनी के कारण भी होता है. कई बार ये दर्द ज्यादा देर तक एक ही जगह पर बैठे रहने, ज्यादा बातचीत करने या जोर- जोर से बातचीत करने आदि से भी होता है.


माइग्रेन का ईलाज-


माइग्रेन की समस्या अगर आपको भी होती रहती है, तो आप इसको आसानी से कम कर सकते हैं. इसको सुधारने के लिए सबसे पहले आपको अपनी लाइफस्टाइल पर ध्यान देना बहुत जरूरी है. इसके लिए सबसे पहले तो आप जल्दी उठे और रात को जल्दी सोना शुरू कर दें. इसके अलावा ज्यादा सोना या कम सोना भी माइग्रेन का कारण बन सकता है. इसके अलावा सुबह उठने के एक घंटे के अंदर नाश्ता जरूरी करें. कैफीन युक्त पेय, चॉकलेट और चीज माइग्रेन में हानिकारिक होते हैं इसलिए इन्हें खाने से बचे.


सुबह-सुबह योग, ध्यान और कार्डिओ एक्सरसाइज करने से भी हमारे माइग्रेन का दर्द भी कम होता है. सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है कि हम दिनभर में कम-कम खाना खाते रहें और मिर्च मसाले के सेवन से बचें. इसके साथ ही ऐसा आहार लें जिसमें मैग्निशियम, जिंक और ओमेगा फैटी एसिड ज्यादा हो. खट्टे फलों के साथ केला खाने से बचना चाहिए. इसके अलावा धूप में जाने से बचें, ज्यादा शोर या रोशनी में रहना भी परेशानी को बढ़ा सकता है. वहीं भूखे रहना भी इस बीमारी में ठीक नहीं है. ऐसे करने से आपको एसिडिटी की परेशानी हो सकती है.


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इस समस्या से निजात पाने के लिए दालचीनी का सेवन करना सही रहता है. इसके लिए दालचीनी पाउडर को दिन में तीन से चार बार ठंडे पानी के साथ लें. माइग्रेन में अदरक पर नमक लगा कर खाते रहने से भी आराम मिलता है. पिसी दालचीनी, अदरक का पाउडर, पिसी काली मिर्च और तुलसी पत्ती को एक साथ पीस लें. इस चूर्ण को रोज शहद के साथ लें. दर्द का अहसास होते ही जीभ के प्वाइंट पर चुटकी भर नमक रखें और आधा मिनट बाद पनी पी लें. ये पेनकिलर का काम करता है.


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