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69 हजार शिक्षक भर्ती: योगी सरकार ने अभ्यर्थियों को दी खुशखबरी, एक सप्ताह के भीतर नौकरी देने की तैयारी

CM Yogi adityanath

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने बुधवार को उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक स्कूलों में 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती के कट ऑफ अंक विवाद पर अहम फैसला सुनाया। न्यायमूर्ति पंकज कुमार जायसवाल और न्यायमूर्ति करुणेश सिंह पवार की अध्यक्षता वाली बेंच ने सरकार द्वारा तय किये गये मानकों पर अपनी मुहर लगाई। इसके साथ ही बेंच ने तीन माह के भीतर भर्ती प्रक्रिया पूर्ण करने का आदेश दिया। वहीं, प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया है कि कोर्ट के निर्णय के क्रम में एक सप्ताह के भीतर 69 हजार शिक्षकों की भर्ती (69000 assistant teacher recruitment) की प्रक्रिया सुनिश्चित कराएं।


सीएम योगी ने कहा कि कोर्ट के निर्णय से शिक्षको की भर्ती का मार्ग प्रशस्त हुआ है। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश के विधालयों को योग्य शिक्षक मिलेंगे। यह भी स्पष्ट हुआ है कि शिक्षक भर्ती के प्रकरण में राज्य सरकार का पक्ष और रणनीति सही थी।


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बता दें कि कि यह भर्ती प्रक्रिया बीते डेढ़ साल से अटकी रही। प्रदेश के करीब 4 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी निर्णय का इंतजार कर रहे थे। दरअसल, सूबे के परिषदीय विद्यालयों में 69 हजार सहायक अध्यापकों की भर्ती (69000 assistant teacher recruitment) के लिए 5 दिसंबर 2018 को शासनादेश जारी कर ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू की गई। 6 दिसंबर से 20 दिसंबर तक ऑनलाइन आवेदन लिए गए। इसके बाद छह जनवरी 2019 को राज्य के 800 परीक्षा केंद्रों पर 4,10,440 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी, जबकि 21 हजार 26 परीक्षार्थी गैर हाजिर रहे।


भर्ती विज्ञापन में न्यूनतम कट ऑफ अंक की बात तो की गयी थी, लेकिन कट ऑफ कितने प्रतिशत होगा, इसका जिक्र शासनादेश में नहीं किया गया था। लिखित परीक्षा के अगले दिन 7 दिसंबर 2019 को न्यूनतम कट ऑफ की घोषणा की गयी। इसके तहत सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को 150 में से 97 (65 फीसदी) और आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को 150 में 90 अंक (60 फीसदी) लाने होंगे।


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इसी कट ऑफ को लेकर परीक्षार्थियों ने हाइकोर्ट की लखनऊ बेंच में याचिका दायर की थी। जिसकी सुनवाई के बाद 3 मार्च 2020 को फैसला सुरक्षित रख लिया गया था। दरअसल, सितंबर 2018 में 68,500 शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा में सामान्य व ओबीसी वर्ग के लिए 45 और आरक्षित वर्ग के लिए 40 फीसदी कट ऑफ अंक तय हुआ था। ऐसे में अभ्यर्थियों का एक वर्ग पुराने कट ऑफ अंक लागू करने की मांग कर रहा था। वहीं कई अभ्यर्थी शासन की ओर से जारी कट ऑफ अंक के पक्ष में थे।


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