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मोदी सरकार का बड़ा फैसला, अब कैंटीन में बंद होगी सांसदों को खाने पर मिलने वाली सब्सिडी

big decision of Modi Government subsidy for MPs Food will be closed in the Canteen of Parliament House

महंगाई को लेकर चारों तरफ से घिरी मोदी सरकार (Modi Government) ने संसद भवन (Parliament House) की कैंटीन (Canteen) में खाने को लेकर बड़ा फैसला लिया है. इस फैसले के बाद अब सांसदों (MPs) को खाने पर मिलने वाली सब्सिडी (Subsidy) खत्म हो सकती है. इस फैसले को अगले लोकसभा सत्र (Lok Sabha Session) से लागू किया जा सकता है. बता दें सांसदों के खाने की सब्सिडी पर सालाना 17 करोड़ रुपये का बिल आता था. सूत्रों के मुताबिक लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के सुझाव के बाद यह फैसला लिया गया है. सूत्रों की माने तो लोकसभा की बिजनस अडवाइजरी कमिटी की मीटिंग में पक्ष और विपक्ष ने एक साथ मिलकर फैसला किया है कि अब कैंटीन में सब्सिडी नहीं मिलेगी. सभी पार्टियों के प्रतिनिधियों ने इस पर सहमति जताई है.


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ऐसा बताया जा रहा है कि सभी पार्टियों ने मिलकर तय किया कि संसद भवन के कैंटीन में मिलने वाले खाने पर सब्सिडी खत्म की जाए. इस फैसले के बाद अब कैंटीन में खाने के दाम लागत के हिसाब से तय होंगे. पिछली लोक सभा में कैंटीन के खाने के दाम बढ़ाकर सब्सिडी का बिल कम किया गया था. अब पूरी तरह से सब्सिडी खत्म कर दी गई है.


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गौरतलब है कि मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में साल 2016 में कैंटीन में मिलने वाले भोजन के दाम बढ़ाए गए थे. इसके बाद अब सब्सिडी खत्म करने का ही फैसला लिया गया है. साल 2016 से अब तक शाकाहारी थाली के दाम 30 रुपये हैं, जबकि 2016 से पहले 18 रुपये थे. मांसाहारी थाली अब 60 रुपये में मिलती है, जबकि पहले 33 रुपये में मिलती थी. थ्री कोर्स मील अब 90 रुपये मिलता है, जबकि पहले 61 रुपये में मिलता था.


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बता दें सूचना के अधिकार के तहत दिए गए ब्योरे के अनुसार साल 2012-13 से साल 2016-17 तक संसद कैंटीनों को कुल 73 करोड़ 85 लाख 62 हजार 474 रुपये बतौर सब्सिडी दिए गए. अगर बीते 5 सालों की स्थिति पर गौर करें तो पता चलता है कि साल 2012-13 में सांसदों के सस्ते भोजन पर 12 करोड़ 52 लाख 01 हजार 867 रुपये, साल 2013-14 में 14 करोड़ 09 लाख 69 हजार 082 रुपये सब्सिडी के तौर पर दिए गए. इसी तरह साल 2014-15 में 15 करोड़ 85 लाख 46 लाख 612 रुपये, साल 2015-16 में 15 करोड़ 97 लाख 91 हजार 259 रुपये और साल 2016-17 में सांसदों को सस्ता भोजन मुहैया कराने पर 15 करोड़ 40 लाख 53 हजार 365 रुपये की सब्सिडी दी गई.


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