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मुख्यमंत्री ने गाजियाबाद की घटना में दिए कड़ी कार्रवाई के आदेश, कहा- इंदौर जैसी घटना UP में नहीं दिखनी चाहिए

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister yogi adityanath) ने गाजियाबाद की घटना में कड़ी कार्रवाई करने के आदेश दिये हैं। उन्होंने कहा कि गाजियाबाद में जिन लोगों ने ये हरकत की, उस प्रवृत्ति के लोगों के साथ पूरी सख्ती से निपटा जाए और उन्हें कानून का पालन कराना सिखाया जाए। यही नहीं, सीएम योगी ने यह भी कहा कि इंदौर जैसी घटना यूपी में कहीं नहीं दिखनी चाहिए, इसके लिए क़ानूनन जो भी कड़ी से कड़ी कार्रवाई करनी हो वो करिए। सीएम ने शुक्रवार को टीम 11 के साथ बैठक में यह बात कही।


दरअसल, मरकज से जुड़े मरीजों की गाजियाबाद अस्पताल में शर्मनाक हरकत सामने आई। तबलीगी जमात के जो लोग गाजियाबाद के एमएमजी अस्पताल में क्वारंटाइन हैं, आरोप है कि वह वार्ड में नग्न अवस्था में चारों ओर घूम रहे थे और नर्सों पर अभद्र टिप्पणी कर रहे थे। इस मामले में गाजियाबाद के डीएम ने सीएमओ गाजियाबाद द्वारा पुलिस को पत्र लिखने के बाद जांच का आदेश दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।


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गाजियाबद के सरकारी अस्पताल की कई नर्सों ने मिलकर एक चिट्ठी चीफ मेडिकल सुपरिटेंडेंट रविंद्र राणा के नाम लिखी। चिट्ठी में लिखा गया कि आपको सूचित किया जाता है कि हमारे अस्पताल के आइसोलेशन वॉर्ड में जो भी जमात से आए हुए मरीज भर्ती किए गए हैं वो बहुत ही अनुचित व्यवहार कर रहे हैं। बिना पैन्ट के वॉर्ड में घूम रहे हैं, स्टाफ को अश्लील इशारे कर रहे हैं, वार्ड में गंदे-गंदे गाने सुन रहे हैं, हमारे हाउसकिपिंग स्टाफ से बीड़ी और सिगरेट मांग रहे हैं, जब इन्हें दूर रहने को कहा जाता है तो साथ में बैठकर बातें करते हैं।


बता दें कि दो दिन पहले गाजियाबाद के एम एम जी अस्पताल में छह जमातियों को भर्ती कराया गया। ये लोग निजामुद्दीन मरकज में शिरकत करने के बाद गाजियाबाद के मंसूरी इलाके में लौटे थे। जांच के बाद पता चला कि इनमें से एक कोरोना पॉजिटिव है। अब नर्सों के साथ बदसलूकी का केस दर्ज होने के बाद इनमें से पांच को अस्पताल से हटाकर एक निजी कॉलेज आरकेजीआईटी में बनाए गए आइसोलेशन वॉर्ड में शिफ्ट कर दिया गया है।


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वहीं, मध्यप्रदेश के इंदौर के टाटपट्टी बाखल इलाके में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की टीम पर पथराव करने के मामले में मध्यप्रदेश सरकार ने चार लोगों पर रासुका (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) लगाया गया है। इस कानून के तहत हिरासत में लिए व्यक्ति को अधिकमत एक साल जेल में रखा जा सकता है।


प्रदेश सरकार ने हमले के आरोपी मोहम्मद मुस्तफा, मोहम्मद गुलरेज, शोएब और मजीद पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की है। इन सभी पर इंदौर के टाटापट्टी बाखल इलाके में कोरोना के खिलाफ अभियान चल रहे स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं पर पथराव करने वाले समूह में शामिल होने का आरोप है। इस हमले को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पहले ही कह चुके हैं कि किसी को बख्शा नहीं जाएगा।


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शहर के टाटपट्टी बाखल इलाके में बुधवार को कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए अभियान चला रहे स्वास्थ्य कर्मियों पर लोगों ने पथराव कर दिया था। इससे दो महिला चिकित्सकों के पैरों में चोटें आई थीं। कोरोना वायरस से संक्रमित एक मरीज के संपर्क में आए लोगों को ढूंढने गए स्वास्थ्य कर्मियों पर बुधवार को पथराव कर दिया था। पथराव से दो महिला डॉक्टरों के पैरों में चोट आईं। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल भी हो रहा है।


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