Breaking Tube
Government

UP: कुपोषित बच्चों के लिए CM ने मंजूर किया था 200 करोड़ का बजट, शुरू होना था ‘शबरी संकल्प अभियान’ लेकिन अधिकारियों ने नहीं दी अनुमति

Yogi government

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM yogi adityanath) ने मार्च 2017 में सूबे की सत्ता संभालते ही अति कुपोषित बच्चों की सेहत सुधारने के लिए शबरी संकल्प अभियान की घोषणा की थी। इस अभियान को सरकार ने अति महत्वकांक्षी श्रेणी में रखते हुए पहली ही कैबिनेट में 200 करोड़ का बजट भी मंजूर कर दिया था। लेकिन शासन में बैठे अधिकारियों ने इस अभियान को शुरू करने की अनुमति ही नहीं दी। यही वजह है कि बीते 3 साल से सरकार की यह घोषणा फाइलों में धूल फांक रही है और स्वीकृत बजट भी बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के खाते में जैसे का तैसा ही पड़ा है।


जानकारी के अनुसार, केंद और राज्य सरकार की सहभागिता से कुपोषण दूर करने के लिए बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार (आईसीडीएस) और राष्ट्रीय पोषण मिशन निदेशालय के माध्यम से कई कार्यक्रमों का संचालन किया जा रहा है। इसके लिए रह वित्तीय वर्ष में सरकार के स्तर से बजट का प्रावधान किया जाता रहा है।


Also Read: MSME देश को ‘पांच ट्रिलियन’ बनाने के लक्ष्य का आधार, केंद्र सरकार इन्हें आगे बढ़ाने का कर रही काम: PM मोदी


लेकिन बीते 2 वित्तीय वर्षों से इन कार्यक्रमों के लिए स्वीकृत बजट को शासन में बैठे अधिकारियों ने खर्च करने की अनुमति ही नहीं दी। नतीजा ये रहा कि कार्यक्रमों के क्रियान्वयन के लिए उपकरण और संसाधनों की खरीद नहीं हो सकी और बजट बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के खाते में पड़ा रहा।


यही नहीं, समेकित बाल विकास परियोजना के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले 3 से 6 साल की उम्र के बच्चों को वहीं पर प्रारंभिक शिक्षा देने के लिए प्री स्कूल किट खरीदे जाने थे। सरकार ने इसके लिए भी वित्तीय वर्ष 2019-20 में 93 करोड़ रुपए मंजूर किए थे। लेकिन अब तक एक भी जिले में प्री स्कूल किट नहीं खरीदा जा सका है और पैसा खाते में ही पड़ा है।


Also Read: वाराणसी: प्रधानमंत्री मोदी ने ‘महाकाल एक्सप्रेस’ को दिखाई हरी झंडी, कहा- देश नागरिकों के संस्कारों से बनता है…


वहीं, राष्ट्रीय पोषण मिशन के तहत विभिन्न उपकरण खरीदने के लिए सरकार ने 335 करोड़ 21 लाख रुपए स्वीकृत किए हैं, मगर इसमें से भी एक रुपया अभी तक खर्च नहीं किया गया। ऐसे जिन लोगों का इसका लाभ मिलना था वो आज तक इन योजनाओं या अभियान का फायदा नहीं ले पा रहे हैं।


इस पर जानकारी देते हुए बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार निदेशक शत्रुघ्न सिंह ने बताया कि खरीद से संबंधित प्रस्ताव कई बार तैयार किए गए, लेकिन शासन से अनुमति नहीं मिल पाने से उपकरणों की खरीददारी नहीं हो सकी है। आधार किट खरीदने के लिए तीन बार प्रस्ताव भेजे गए थे। अब फिर से टेंडर किए गए हैं। प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। मंजूरी मिलने के बाद जल्द ही आधार किट खरीदी जाएगी।


( देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं. )


Related news

अयोध्या में ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ से भी ऊंची बनेगी श्रीराम की मूर्ति, योगी सरकार ने जारी की तस्वीरें

BT Bureau

Video: पीएम मोदी सेना को सौंपेंगे के-9 वज्र टैंक, रखेंगे पहले सम्पूर्ण कैंसर हॉस्पिटल की आधारशिला

BT Bureau

PM किसान सम्मान निधि योजना: सिर्फ इन्हीं किसानों को मिलेगी 2000 रुपये की दूसरी किस्त

BT Bureau