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मिशन शक्ति: महिला पुलिसकर्मियों को मिलेगी बड़ी जिम्मेदारी, CM योगी ने दिए निर्देश

उत्तर प्रदेश में सीएम योगी ने महिला सुरक्षा के लिए मिशन शक्ति अभियान चलाया था। जिसमें वो आए दिन कुछ न कुछ बदलाव करते रहते हैं। शुक्रवार को उन्होंने प्रदेश के पुलिस विभाग के लिए कुछ निर्देश जारी किए हैं। ताकि हर जगह की महिलाएं सुरक्षित महसूस कर सकें। उन्होंने कहा है कि हर एक बीट पर दो दो महिला पुलिसकर्मी तैनात की जाएं। क्योंकि पीड़िता, महिला पुलिसकर्मियों को ही खुलकर अपनी परेशानी बता सकती हैं। इसके साथ ही उन्होंने है थाने में कम से कम एक महिला उपनिरीक्षक तैनात करने की बात भी कही, ताकि थाने आने वाली महिला को कोई दिक्कत ना हो।


सीएम ने कहा ये

जानकारी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में मिशन शक्ति” के नए चरण के शुरुआत की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि महिला सम्बन्धी अपराधों में न्यायिक प्रक्रिया चलने में अनेक वर्ष लगते हैं।पीड़िताएं, महिला आरक्षी एवं महिला उप-निरीक्षक के साथ एक अनुकूल वातावरण में खुलकर बात कर सकती हैं। बेहतर हो कि जिले में महिला पुलिस आरक्षियों तथा महिला उपनिरीक्षक की संख्या के अनुरूप 02 से 03 बीटों पर दो-दो महिलाकर्मी बीट पुलिस अधिकारी नियुक्त किए जाएं, जोकि गाँवों में जाकर महिलाओं से संवाद स्थापित करें। किसी भी हिंसा के मामले में अथवा अपराध होने की स्थिति में तत्काल थाने को सूचना देकर अपेक्षित कार्यवाही करें। इसके साथ ही उन्होंने कहा हर थाने में न्यूनतम एक-एक महिला उपनिरीक्षक भी नियुक्त करने की भी जरूरत बताई।


आगे सीएम ने कहा कि चरणबद्ध रूप से इसकी शुरुआत प्रदेश के चारों पुलिस कमिश्नरेट के थानों से की जा सकती है। मुख्यमंत्री ने गृह विभाग को इस विषय के विभिन्न पहलुओं पर गंभीरता से विचार करने को कहा है। अनुकूल वातावरण में बातचीत करने के लिये यह जरुरी है कि यह महिला बीट पुलिस अधिकारी जब भी गाँवों में जाये तो कुछ समय वहाँ रुककर महिलाओं को अपने पास आने का मौका दें। ऐसी दशा में किसी न्याय पंचायत भवन में एक कक्ष अथवा आंगनवाड़ी केन्द्रों में एक कक्ष इन महिला बीट पुलिस अधिकारियों के लिये आरक्षित किया जा सकता है। इसे मिशन शक्ति कक्ष के रूप में नाम दिया जाना चाहिए।


इससे होगा लाभ

सीएम ने कहा कि इस प्रयास से हम न केवल सुदूर ग्रामीण अंचलों में मिशन शक्ति की अलख जलाएंगे अपितु पुलिसिंग को जनसामान्य तथा महिलाओं के और पास ला सकेंगे। कम्यूनिटी पुलिसिंग के इस स्वरूप से ग्रामीण इलाकों में पुलिस की पहुँच एक सदभावनापूर्ण माहौल में अधिक गहराई से पहुँचेगी जिसके दीर्घकालिक लाभ होंगे। बता दें कि अब तक महिला आरक्षियों को अमूमन थानों पर डेस्क ड्यूटी, कम्प्यूटर ड्यूटी अथवा संतरी ड्यूटी ही दी जाती रही है।


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