Breaking Tube
Government UP News

UP: प्रवासियों के लिए फिर तैयार किए जाएं क्वारंटीन सेंटर, खाने-पीने की भी हो व्यवस्था: CM योगी का सख्त आदेश

Yogi Adityanath corona virus

भारत में एक बार फिर तेजी से कोरोना पैर पसारने लगा है। इसी का नतीजा है कि अब मुंबई जैसे बड़े शहरों में काम करने वाले वापस अपने अपने घर लौटने लगे हैं। प्रवासियों की घर वापस को देखते हुए यूपी सीएम ने सख्त आदेश जारी किए हैं। जिसके अंतर्गत उन्होंने कहा है कि दूसरे प्रदेशों से आने वाले प्रवासी मजदूरों के लिए उनके जिलों में क्वारंटाइन सेंटर बनाने के निर्देश दिए हैं।वहीं एमबीबीएस फाइनल के छात्रों को भी ड्यूटी पर लगाया जाए। ताकि किसी अस्पताल में डॉक्टर्स की कमी न होने पाए।


सीएम ने दिए ये निर्देश

जानकारी के मुताबिक, पहली बार देश में रिकॉर्ड 1 लाख 84 हजार से अधिक नए कोरोना केस सामने आए हैं।  भारत में कोरोना के एक्टिव (Active Cases) मामले अब 13 लाख के पार पहुंच गए हैं। बेकाबू होते कोरोना को देखते हुए महाराष्ट्र में मंगलवार शाम को आंशिक लॉकडाउन की घोषणा कर दी गई है। उधर दिल्ली में भी हालात भी बिगड़ चुके हैं। ऐसे वक्त में बड़े शहरों में रह रहे प्रवासी मजदूरों के लिए बड़ा संकट हो गया है।


उन्हें पिछली बार की तरह फंसने का डर सता रहा है। उनमें घर वापसी की होड़ मच गयी है। रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर प्रवासियों का जमावड़ा लग रहा है। वो लंबी लाइनों में अपनी ट्रेनों और बसों का इंतजार कर रहे हैं। इसी समस्या को देखते हुए मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने दूसरे प्रदेशों से आने वाले प्रवासी मजदूरों के लिए उनके जिलों में क्वारंटाइन सेंटर बनाने के निर्देश दिए हैं। इनमें खाने-पीने की व्‍यवस्‍था की जाएगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि महामारी में असहयोग करने वाले निजी संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। एमबीबीएस के चौथे और पांचवें साल के छात्रों की परीक्षाएं निरस्त होने के कारण इनकी ड्यूटी अस्पताल में लगाई जाए।


इसके साथ ही सैनिटाइजेशन व फॉगिंग पर विशेष ध्यान दिया जाए। रोडवेज बसों को नियमित सैनिटाइज किया जाए। क्षमता के अनुरूप ही यात्रियों को बैठाया जाए। कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग का काम पूरी सक्रियता से किया जाए। निगरानी समितियां तेजी से काम करें। चैत्र नवरात्रि, रमजान और पंचायत चुनाव को ध्यान में रखते हुए व्यापक कार्य योजना बनाकर कोविड प्रोटोकॉल का पालन कराया जाए।


पिछले साल भी सरकार ने संभाला था मोर्चा

बता दें पिछले साल लॉकडॉउन के दौरान यूपी सरकार ने के श्रमिकों व कामगारों, ठेला, खोमचा, रेहड़ी लगाने वाले या दैनिक कार्य करने वाले सभी लोगों के भरण-पोषण की व्‍यवस्‍था को सुनिश्‍चित किया। इसके साथ ही निर्माण श्रमिकों को भी भरण-पोषण भत्ता देने का कार्य किया गया है। सरकार ने कोरोना संक्रमण के दौरान प्रवासी कामगारों व श्रमिकों को सभी तरह की सुविधाएं पहुंचाई। जिसके तहत परिवहन निगम की बसों के जरिए लगभग 40 लाख प्रवासी कामगरों व श्रमिकों को उनके गृह जनपदों तक भेजने, चिकित्‍सकीय सुविधाएं उपलब्‍ध कराने व उनको स्‍थानीय स्‍तर पर रोजगार दिलाने के लिए बड़े पैमाने पर व्‍यवस्‍था की गई।


Also Read: लखनऊ में कोरोना को लेकर सीएम योगी गंभीर, 8 और कोविड अस्पताल बने, मरीजों के लिए बढ़ाए गए 1835 बेड


( देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं. )


Related news

मुरादाबाद: ‘साले भंगी हो…’, दलित युवक ने दुकानदार के जातिसूचक शब्दों का किया विरोध तो दोस्तों संग जमकर पीटा, जिलानी व मुजम्मिल गिरफ्तार

BT Bureau

महिलाओं व बेटियों के चौमुखी विकास पर केंद्रित है योगी सरकार का पांचवां बजट

Jitendra Nishad

यूपी पुलिस की बड़ी सफलता, हिस्ट्रीशीटर सुरेंद्र कालिया एमपी से गिरफ्तार, 50 हजार का है ईनामी

BT Bureau