Breaking Tube
Government Police & Forces UP News

यूपी: PAC के 900 जवानों को तत्काल प्रमोशन देने का आदेश, डिमोशन करने वाले अधिकारी के खिलाफ CM योगी ने बैठाई जांच

CM Yogi 900 PAC jawans

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीएसी जवानों को प्रमोशन न देने के गैर जिम्मेदार निर्णय को लेकर कड़ी नाराजगी जाहिर की है। सीएम ने आदेश दिया है कि इन जवानों को तत्काल प्रमोशन दिया जाए। साथ ही शासन को जानकारी दिए बगैर निर्णय करने वाले अधिकारी के खिलाफ जांच के आदेश दिए गए हैं। सीएम योगी ने कहा है कि पुलिस के जवानों का मनोबल गिराने वाला कोई निर्णय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


सूत्रों ने बतायाकि इस मामले की जानकारी जैसे ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को हुई तो उन्होंने नाराजगी जताते हुए डीजीपी को निर्देश दिया कि इन सभी 900 जवानों को तुरंत प्रमोशन दिया जाए। साथ ही शासन को दिए निर्देश में सीएम ने कहा कि जिस अधिकारी ने बिना सरकार के संज्ञान में लाए यह फैसला लिया, उसके खिलाफ जांच कर रिपोर्ट दें और सख्त कार्रवाई की जाए।


Also Read: लखनऊ: PAC के 25 जवानों को हुआ कोरोना, अबतक पुलिस-पीएसी के 235 जवान हो चुके संक्रमित


पीएसी से नागरिक पुलिस में आए जवानों को प्रमोशन मांगने पर उन्हें मूल काडर पीएसी में भेज दिया गया है। ऐसे 896 पुलिसकर्मियों को पदावनत करते हुए वापस किया गया है जबकि 22 आरक्षियों को आरक्षी के ही पद पर वापस भेजा गया।गुरुवार को डीजीपी मुख्यालय से जारी इस आदेश से रिवर्ट होने वाले पुलिसकर्मियों में भारी रोष है।


बता दें कि 2008 से पूर्व पीएसी से नागरिक पुलिस में स्थानांतरण हो जाया करता था। इसके तहत कुल 932 पुलिसकर्मी सशस्त्र पुलिस बल से नागरिक पुलिस में आए।  उनमें से 890 आरक्षी से मुख्य आरक्षी के पद पर प्रोन्नत हो गए। 6 को उप निरीक्षक के पद पर प्रोन्नति मिली, 22 आरक्षी के पद पर ही रहे और 14 की मृत्यु हो गई। उप निरीक्षक पद पर जिन्हें प्रोन्नति नहीं मिली उन्होंने अदालत का रुख किया।


Also read: प्रयागराज: दारोगा की दंबगई, जिला पंचायत सदस्य पर तानी पिस्टल, जड़े तमाचे


अदालत ने इस पर डीजीपी मुख्यालय से जवाब मांगा। वहीं, डीजीपी मुख्यालय ने इस स्थानांतरण के आदेश को ही गलत बता दिया। कहा कि पीएसी व नागरिक पुलिस दो अलग-अलग संवर्ग हैं। पूर्व में पीएसी से कुछ लोगों की ड्यूटी नागरिक पुलिस में लगाई गई थी। जिसे संवर्ग परिवर्तन नहीं कहा जा सकता। क्योंकि इसका न तो कोई शासनादेश है और न ही किसी नियमावली में प्राविधान।


( देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं. )

Related news

‘कानपुर विकास दुबे मैटर जानते हो न.. पुलिस किसका कितना साथ देती है’.. गोंडा किडनैपर महिला का फिरौती Audio वायरल

BT Bureau

दिल्ली पुलिस के सिपाही ने पास किया UPSC एग्जाम तो होने लगी पाताल लोक के इमरान अंसारी से तुलना

Jitendra Nishad

वाराणसी: राम मंदिर को लेकर की भड़काऊ टिप्पणी, SP नेता बेलाल अहमद गिरफ्तार

BT Bureau