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‘बिहार के दोस्तों ने कहा था- काश! हमारे पास भी तुम्हारे योगी जैसा सुपरहीरो होता’, कोटा से घर पहुंचे छात्रों ने सुनाई आपबीती

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार (Yogi Adityanath Government) ने राजस्थान के कोटा (Kota) से 11,500 स्टूडेंट्स (Students) की सुकुशल वापसी कराईं. डॉक्टर और इंजीनियर बनने का सपना लेकर कोचिंग के लिए कोटा गये उत्तर प्रदेश के बच्चे वहां फंस गये थे. बच्चे और घर वाले दोनों परेशान थे. बच्चे घर तो आना चाहते थे, लेकिन कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों और लॉकडाउन की सख्ती को देखते हुए कोई उम्मीद भी नहीं बची थी. वहीं बच्चों की दिक्कतों को समझते हुए योगी सरकार ने छात्रों की सकुशल वापसी का फैसला किया, इस निर्णय से बच्चों औऱ परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा, इस दौरान छात्रों के खुशी के आंसू निकल आए.


कोटा से आने वालों में वाराणसी की निशी सिंह भी हैं. बकौल निशी जब हमें अपने मुख्यमंत्री के इस फैसले का पता चला तो खुशी से आंसू निकल आए. लगा कि इस अभूतपूर्व आपदा में भी कोई अपना है, जिसे हम लोगों की चिंता है. अपनी तमाम व्यस्तताओं में भी हमारे बारे में सोचता है. वाकई योगीजी पूरे प्रदेश की जनता को बिना भेदभाव के अपना परिवार मानते हैं. उनका आभार जताने के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं. निशी सिंह कोटा में नीट की तैयारी के लिए गईं थीं.


सीएम योगी के फैसले पर लगा कि हम अकेले नहीं हैं

गोंडा के रहने वाले मोहम्मद शाहिद कोटा में आईआईटी जेईई की तैयारी कर रहे थे. उनका कहना है कि हम लोगों को वहां पर खाना भी ढंग से नहीं मिल पा रहा था. इसके अलावा कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था. हम लोगों की पढ़ाई भी नहीं हो पा रही थी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जब हम लोगों को वापस बुलाने का पैसला लिया, तो लगा हम अकेले नहीं हैं, हमें भी कोई पूछने वाला है. इसके लिए उनको धन्यवाद.


23 करोड़ जनता को अपना परिवार मानते हैं सीएम योगी

कानपुर के सौरभ शुक्ल बैंक पीओ की तैयार करने गए थे. अपना अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि हमने सारी उम्मीदें छोड़ दी थीं. घर की बेतहाशा याद आती थी. ऐसे में जब लगा कि अपने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हमारे घर वापसी का बंदोबस्त कर रहे हैं तो हमारी खुशी का ठिकाना नहीं रहा. उस खुशी को शब्दों में बयां नहीं कर सकता। आंखे भर आईं. दिल से यही निकला कि जिसका कोई नहीं होता उसका ऊपर वाला होता है. हमारे लिए तो योगीजी वैसे ही हैं. उनको धन्यवाद देने के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं. सही मायने में कहा जाए तो लाजवाब सीएम हैं अपने योगी जी, जो बिना भेदभाव के प्रदेश के 23 करोड़ जनता को अपना परिवार मानते हैं.


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परिवार के साथ सौरभ और दाईं ओर निशी सिंह


काश! बिहार में भी कोई योगी होता

सौरभ शुक्ला ने बताया कि हम लोग बार-बार टिकट बुक करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन लॉकडाउन बढ़ जा रहा था. कोई उम्मीद नहीं दिख रही थी. इसबीच जब योगी सरकार के फैसले के बारे में जानकारी मिली तो मेरे साथ रहने वाले बिहार के दोस्त कहने लगे कि काश! मेरे यहां भी कोई योगी आदित्यनाथ जैसा सुपरहीरो होता, जो हमें यहां से बचाकर ले जाता. तब मैंने उनसे कहा कि योगीजी तो एक ही हैं, और वह हमारे पास हैं.


परिवार की मुखिया की तरह ख्याल रख रहे हैं सीएम

मुरादाबाद से नीट की तैयारी करने गई मानसी सिंह का कहना है कि जब कोटा में एक दम से केस बढ़ना शुरू हुए तो हम लोग बहुत तनाव में आ गए थे. मन में एक अनजाना सा डर बैठ गया था. बहुत जरूरी होता था, तभी हम अपने रूम से बाहर निकलते थे. जिस दिन हमारे पैरेंटस ने हमें बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हम लोगों को वापस लाने के लिए बस भेज रहे हैं, उस दिन हम लोगों की खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा. योगी जी का बहुत-बहुत धन्यवाद. वह परिवार के मुखिया की तरह प्रदेश का ख्याल रख रहे हैं. मानसी ने आगे कहा कि सीएम हो तो ऐसा, हमें योगीजी पर नाज है.


लॉकडाउन में इतने बड़े ऑपरेशन को अंजाम देने वाला यूपी पहला राज्य

बता दें कि लॉकडाउन के दौरान कोटा में फंसे छात्रों ने सोशल मीडिया पर घर जाने की मांग की, जिसपर तुरंत संज्ञान लेत हुए योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सभी छात्रों को वापस लाने की योजना बनाई गई. बेहद गुपचुप तरीके से इस ऑपरेशन को अंजाम दिया. इस ऑपरेशन के लिए रातों-रात सैकड़ों बसों को तैयार किया जिससे साढ़े 11 हजार छात्रों को वापस लाया गया. इस अभियान के लिए सीेएम योगी ने  साफ निर्देश दिए थे कि इस प्लान को लेकर किसी भी तरह की डिटेल्स लीक न की जाएं.  कई राज्यों ने योगी सरकार के इस फ़ैसले पर सवाल उठाए. लेकिन फिर दो तीन दिनों बाद एक एक कर कोटा से अपने बच्चों को बुलाने लगे. सबसे अधिक विरोध बिहार की नीतीश सरकार ने किया था. लेकिन केंद्र सरकार की नई गाइडलाइन आने के बाद अब बिहार भी कोटा से बच्चों को वापस लाने की तैयारी में है.


Also Read: जब कोटा से लौटी छात्रा के धन्यवाद पर योगी ने दिया ऐसा जवाब कि ठहाका लगाने से खुद को नहीं रोक पाए अफसर


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