Zika Virus in UP: कानपुर में ‘जीका’ के आतंक के बीच पकड़े गए 250 मच्छर, जांच के लिए स्पेशल ट्रेन से भेजे गए दिल्ली

कोरोना के बाद अब उत्तर प्रदेश में जीका वायरस ने आतंक मचा रखा है। सबसे ज्यादा कानपुर जिले में वायरस से लोग संक्रमित हो रहे हैं। इसी क्रम में अब दिल्ली से पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कन्टेनमेंट एरिया से 250 मच्छरों को पकड़कर जांच के लिए स्पेशल ट्रेन से दिल्ली भेजा है। बता दें पिछले दिनों नेशनल इंस्टीट्यूट आफ मलेरिया रिसर्च, दिल्ली में जांच के लिए भेजे गए मच्छरों में से एक में जीका वायरस मिलने की पुष्टि हुई थी, जिसके बाद अब ये फैसला लिया गया है।

जांच में जुटी टीमें

जानकारी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में जीका वायरस का पहला मामला कानपुर में मिलते ही शासन में खलबली मच गई थी। अब इसकी संख्या 80 से ज्यादा हो गई है। इस समस्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम टीम एयरफोर्स स्टेशन, लाल बंगला, हरजिंदर नगर, काजी खेड़ा, लालकुर्ती, जाजमऊ, काकोरी, शिव कटरा, आदर्श नगर, तिवारीपुर बगिया, पोखरपुर, जेके कालोनी, केडीए कालोनी, ओमपुरवा, गिरिजा नगर में हर घर से मच्छरों को पकड़ कर उनकी सैंपलिंग करवा रही है।

सैंपलिंग के क्रम में दिल्ली से पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कन्टेनमेंट एरिया से 250 मच्छरों को पकड़कर जांच के लिए स्पेशल ट्रेन से दिल्ली भेजा है। रिपोर्ट्स की मानें तो पिछले दिनों नेशनल इंस्टीट्यूट आफ मलेरिया रिसर्च, दिल्ली में जांच के लिए भेजे गए मच्छरों में से एक में जीका वायरस मिलने की पुष्टि हुई थी। जिसके बाद यह स्पष्ट हो गया था कि जीका वायरस मच्छरों से फ़ैल रहा है।

कैसे फैलता है जीका वायरस

जीका वायरस का संवाहक एडीज एजेप्टी नामक मच्छर होता है। इसका मच्छर भी दिन के समय ही काटता है। यह वायरस गर्भवती एवं महिलाओं के लिए अधिक घातक और खतरनाक होता है। संक्रमण होने पर वायरस गर्भ में पल रहे बच्चे के ब्रेन पर सीधे अटैक करता है।शरीर में जीका वायरस के प्रवेश करने के तीन से 14 दिन के भीतर लक्षण दिखने लगते हैं। जीका वायरस के लक्षण निम्न हैं-

-सामान्य से तेज बुखार
-शरीर में छोटे-छोटे लाल दाने उभर आना
-आंखों में जलन और लगातार चिपचिपन रहना
-तेज सिरदर्द के साथ बेचैनी भी होना
-जीका के संक्रमण से हो सकती गंभीर समस्या
-चलने फिरने में लाचारी आ जाती है
-मांसपेशियों और जोड़ों में भीषण दर्द व ऐंठन

जीका वायरस से बचाव के तरीके

-जीका वायरस से बचाव के लिए मच्छरों के काटने से बचें
-इसके लिए शरीर का अधिकतम हिस्सा ढक कर रखें
-खुले में सोएं तो मच्छरदानी का इस्‍तेमाल करें
-घर और आस पास भी साफ सफाई का ख्‍याल रखें
-मच्छरों को बढ़ने से रोकने के लिए ठहरे पानी को इकट्ठा न होने दें
-बुखार, गले में खराश, जोड़ों में दर्द, आंखें लाल होने जैसे लक्षण नजर आएं तो फौरन डॉक्टर को दिखाएं
-भरपूर आराम के साथ ज्‍यादा से ज्‍यादा तरल पदार्थों का सेवन करें

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