UP: 35 साल की पुलिस सेवा में न मिली सजा न ही वार्निंग, आज झांसी के इस इंस्पेक्टर को मिलेगा गोल्ड मेडल

आज गणतंत्र दिवस के दिन देश भर में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. इसी क्रम में यूपी पुलिस विभाग में भी पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया जा रहा है. इन्हीं पुलिसकर्मियों में झांसी के डीजीआई ऑफिस में कार्यरत इंस्पेक्टर स्टेनो प्रमोद कुमार टंडन शामिल हैं. दरअसल, इनको गणतंत्र दिवस पर यूपी के डीजीपी ’गोल्ड मेडल प्रशंसा चिन्ह’ देकर सम्मानित किया जा रहा है. इसके पीछे की वजह बेहद ही खास है. खबरों की माने तो इनकी 35 साल की नौकरी में आज तक इन्हें ना कोइ सजा मिला है और ना ही वॉर्निंग. जिसके चलते आज इनको सम्मानित किया जा रहा है.

पहले भी मिल चुका है सम्मान

जानकारी के मुताबिक, साफ छवि और अपनी ईमानदारी के लिए पहचाने जाने वाले इंस्पेक्टर स्टेनो प्रमोद कुमार टंडन झांसी में तैनात हैं. आज उन्हें यूपी के डीजीपी ’गोल्ड मेडल प्रशंसा चिन्ह’ देकर सम्मानित करेंगे. उन्हें यह पदक अब तक की बेहतर सर्विस के लिए दिया जा रहा है. उनकी 35 साल की नौकरी में आज तक उन्हें एक भी वार्निंग नहीं मिली और न ही कोई सजा. 2020 में उनको राष्ट्रपति पुलिस पदक और डीजीपी सिल्वर मेडल प्रशंसा चिन्ह मिल चुका है. इससे पहले 2007 में सराहनीय सेवा सम्मान चिन्ह, वर्ष 2014 में उत्कृष्ट सेवा सम्मान चिन्ह और वर्ष 2019 में भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा अति उत्कृष्ट सेवा पदक भी प्रदान किया जा चुका है.

1987 में हुए थे भर्ती

बता दें कि मूलरूप से प्रयागराज के रहने वाले प्रमोद कुमार टंडन 1987 में उपनिरीक्षक गोपनीय के पद पर भर्ती हुए थे. उनकी पहली पोस्टिंग बांदा था. इसके बाद प्रतापगढ़, फतेहपुर, सेन्ट्रल स्टोर कानपुर तथा कानपुर नगर में भी महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त रह चुके हैं. कानपुर जोन अपर पुलिस महानिदेशक के गोपनीय सहायक के पद पर रहने के बाद करीब साढ़े 4 साल पहले उनका तबादला झांसी में डीआईजी ऑफिस में निरीक्षक गोपनीय के पद पर हुआ था. 2016 में प्रमोशन मिला था.

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