Breaking Tube
Lifestyle

फ्लू और कोरोना में क्या है अंतर ?, बच्चों को स्कूल भेजने से पहले हर पैरेंट्स को जाननी चाहिए ये बात

लाइफस्टाइल: कोरोना का संकट अभी भी कम नहीं हुआ है लेकिन सरकार द्वारा एहतियात बरतते हुए कई नियमों को लागू करते हुए 15 अक्टूबर से राज्यों में स्कूल खोलने की इजाजत दे दी है. हालांकि यह फैसला पूरी तरह से उन्होंने राज्यों पर छोड़ा हुआ है. लेकिन यह भी बहुत जरूरी है कि बच्चों को कोरोना महामारी के साथ फ्लू से भी बचाया जाए. जबकि कोविड 19 महामारी के बीच फ्लू सीज़न दस्‍तक देने को है. दोनों बीमारियों के लक्षण भी समान हैं, जिसका मतलब है कि दोनों के बीच अंतर करना भी बेहद मुश्किल होगा. लिहाज़ा, शोधकर्ता केवल यह सीखना शुरू कर रहे हैं कि बच्चों में कोविड-19 और मौसमी फ्लू के शुरुआती लक्षणों को कैसे अलग किया जा सकता है या उनके बारे में समझा जा सकता है.


ऐसे में फ्लू का मौसम अक्टूबर में शुरू होने की उम्मीद के साथ पेरेंट्स यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या किसी बीमार बच्चे में सीज़न फ्लू या कोविड-19 के लक्षण हैं. यदि किसी बच्चे को फ्लू या कोविड-19 है, तो यह तय करने के लिए कि क्या देखना होगा..


Flu vs COVID-19-


इस संगठन का कहना है कि “जहां COVID-19 और फ़्लू वायरस समान तरीकों से फैलता है… COVID-19 फ़्लू की तुलना में कुछ आबादी और आयु समूहों के बीच अधिक संक्रामक है”.


सीडीसी के अनुसार, “COVID-19 में फ्लू की तुलना में अधिक सुपरस्प्रेडिंग देखा गया है. इसका मतलब है कि वायरस जो COVID-19 का कारण बनता है, वह बहुत जल्दी और आसानी से बहुत सारे लोगों में फैल सकता है और परिणामस्वरूप समय के साथ लोगों में निरंतर फैलता जा सकता है.”


इनमें COVID-19 कॉहोर्ट में से 17.1 प्रतिशत अस्पताल में भर्ती हुए, 5.7 प्रतिशत आईसीयू में रखे गए, और 3.2 प्रतिशत वेंटिलेटर पर थे. वहीं, फ्लू वाले बच्चों में 21.2 प्रतिशत अस्पताल में भर्ती थे, 7 प्रतिशत आईसीयू में भर्ती थे और 1.9 प्रतिशत वेंटिलेटर पर थे.


COVID-19 के साथ अस्पताल में भर्ती मरीजों की औसत आयु 9.7 थी, जबकि फ्लू वाले लोगों की उम्र औसतन 4.2 वर्ष थी.


COVID-19 वाले अधिक बच्चों को फ्लू वाले लोगों की तुलना में बुखार और खांसी थी..


COVID-19 वाले ज्‍यादातर लोगों में ये लक्षण शामिल थे:


दस्त
उल्टी
सरदर्द
शरीर मैं दर्द
छाती में दर्द


फ्लू और COVID-19 बच्चों में गंभीर बीमारी का कारण बन सकते हैं –


माता-पिता के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वे इन बीमारियों से बचने के लिए क्या कर सकते हैं. फ्लू से बचाव के लिए फ्लू शॉट लेना जरूरी है, जब तक कोई COVID-19 वैक्सीन उपलब्ध नहीं होती, तब तक मास्क पहनना, हाथ धोना और सामाजिक दूरी का अभ्यास रखना जरूरी है. लेकिन टीकाकरण होने के बाद भी, माता-पिता को यह याद रखना चाहिए कि बच्चे इस सर्दी में फ्लू से पीड़ित हो सकते हैं.


Also Read: याददाश्त बढ़ानी है तो दिमाग को रखें हल्का, करें ये काम 


Also Read: रोजाना सूर्य नमस्कार से होते चमत्कारिक फायदे, बीमारियों को भगाने में रामबाण हैं ये योगासन


( देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं. )

Related news

इस मौसम में भूल कर भी न खाएं ये सब्जी, वरना भुगतना पड़ेगा भयंकर परिणाम

Satya Prakash

कैंसर जैसी भयंकर बीमारी में लाभकारी है करेले का सेवन, होते हैं ये अचूक फायदे

Satya Prakash

अगर आपको भी चाहिए ऑफिस से छुट्टी, जानें 10 सबसे पॉपुलर बहाने

Satya Prakash