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शुद्ध हवा व सेहत के लिए घर लगाएं ये पौधे, प्रदूषण से करेंगे बचाव

लाइफस्टाइल: दुनियाभर में प्रदूषण की समस्या काफी समय से दुनिया का बुरा हाल कर रखी है. स्मॉग से कई लोगों का बुरा हाल है. वहीँ डीजल वाहनों की बढ़ती संख्या, फैक्टरियों, बिजलीघरों से निकलने वाला धुआं, उत्तर भारत में पराली जलाने की घटनाओं के कारण हर कोई वायु प्रदूषण को लेकर परेशान रहता है. इन प्रदूषण से बचने के लिए यह जरूरी है कि हम सतर्क रहें, घर के भीतर लगाए जा सकने वाले अनेक ऐसे इंडोर प्लांट्स हैं जो हमारे घर को शुद्ध हवा का ठिकाना बना सकते हैं.


मनी प्लांट-


इसे गोल्डन पोथोस या डेविल्स आईवी के नाम से भी जाना जाता है. मनी प्लांट की हरी-भरी पत्तियां दिल के आकार की होती हैं, जिनमें स्वर्णिम रंग की हल्की सी झलक होती है. मनी प्लांट्स घर के भीतर इस्तेमाल किए जाने वाले प्लांट्स में सबसे आम हैं. चूंकि यह प्लांट रात के वक्त भी ऑक्सीजन देता है इसलिए इसे लिविंग रूम की ही तरह बेडरूम में भी रखा जा सकता है. मनी प्लांट को पानी और ठोस सतह (मिट्टी) पर भी लगाया जा सकता है. इसके अलावा अगर आपके बगीचे में पहले से ही मनी प्लांट मौजूद है तो आपको केवल उसका एक हिस्सा मिट्टी या पानी में लगाना है और यह अपने-आप बढ़ने लगता है.


पीस लिली-


बड़ी हरी पत्तियों वाला यह प्लांट घर के भीतर से बेंजीन, ट्राइक्लोइथेन, फॉर्मेल्डाइड को खत्म करता है.


स्नेक प्लांट-


वाइपर्स बोस्ट्रिंग हेम्प के भी नाम से मशहूर यह पौधा हवा से जाइलिन, बेंजीन और टूलिन जैसे टॉक्सिन्स और यौगिकों को खत्म करता है. मनी प्लांट की ही तरह स्नेक प्लांट भी रात को ऑक्सीजन देता है. इन प्लांट्स को ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती. यह कई दिन बिना पानी के जिंदा रह सकते हैं.


एरेका पाम-


इसे येलो पाम और गोल्डन केन प्लांट के नाम से भी जाना जाता है. नासा की रिसर्च के मुताबिक यह प्लांट हवा से फॉर्मेल्डेहाइड को हटाने के लिहाज से शीर्ष 10 प्लांट्स में आता है. यह प्लांट एक अच्छा ह्यूमिडिफायर है. एक छह फीट का एरेका पाम ट्री केवल 24 घंटे में एक लीटर पानी दे सकता है. फॉर्मेल्डाइड के अलावा यह प्लांट हवा से कार्बन मोनोऑक्साइड, बेंजीन, जाइलिन और ट्राइक्लोरोएथिलिन को हटा सकता है.


रबर प्लांट-


इसे रबर बुश प्लांट के नाम से भी जाना जाता है. यह हवा में मौजूद वाष्पशील कार्बनिक यौगिकों और बायो एफ्लुएंट्स हटा देता है. अगर आपके घर में पालतु पशु हैं तो कृपया यह प्लांट न लगाएं, क्योंकि कुछ पशुओं के लिए यह टॉक्सिक होता है.


एलोवेरा-


हम सभी जानते हैं कि एलोवेरा की पत्तियों के भीतर मौजूद जेल का घावों और जली हुई जगहों के इलाज में इस्तेमाल किया जाता है. कई लोग इसे मॉइस्चराइजर के तौर पर भी इस्तेमाल करते हैं लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि एलोवेरा हवा को साफ करने में भी बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. यह हवा से बेंजीन और फॉर्मेल्डेहाइड को हटाता है और यह भी रात को ऑक्सीजन का उत्सर्जन करता है.


वीपिंग फिग प्लांट-


इसे बेंजामिन फिग और फिकस ट्री के नाम से भी जाना जाता है. नासा द्वारा किए गए एक अध्ययन के मुताबिक यह प्लांट बेंजीन, जाइलिन, टूलीन, ट्राइक्लोरोएथिलिन और फॉर्मेल्डेहाइड का हवा से सफाया करता है. रबर प्लांट की ही तरह यह भी कुछ पालतु पशुओं के लिए जहरीला होता है.


कॉमन आइवी-


इसे इंग्लिश आइवी, यूरोपियन आइवी और आइवी के नाम से भी जाना जाता है. यह हवा से जाइलिन, बेंजीन, टूलीन और फॉर्मेल्डाइड को हटाती है. इसके अलावा इस प्लांट को हवा से अस्थमा के मरीजों को परेशान करने वाले कुछ कणों को हटाने के लिए भी जाना जाता है.


चाइनीज एवरग्रीन प्लांट


यह हवा से कार्बन मोनोऑक्साइड, बेंजीन, ट्राइक्लोरोएथिलिन और फॉर्मेल्डेहाइड को हटाता है. यह याद रखिएगा कि इस प्लांट के लिए कमरे का तापमान 16 डिग्री सेल्सियस या उससे ज्यादा होना चाहिए. यह प्लांट ठंड को बिल्कुल भी सहन नहीं कर पाता.


स्पाइडर प्लांट-


इसे एयरप्लेन प्लांट के नाम से भी जाना जाता है. यह हवा से जाइलिन, टूलिन और फॉर्मेल्डेहाइड को हटाने में बेहद प्रभावी पाया गया है. स्पाइडर प्लांट को भी ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती.


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