Breaking Tube
Lifestyle

याददाश्त बढ़ानी है तो दिमाग को रखें हल्का, करें ये काम

लाइफस्टाइल: आज कल लोगों में काम की वजह से काफी सारी दिक्कतें होने लगी हैं, जिसमें लोगों को भूल जाने की आदत से काफी सारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. याददाश्त कमजोर होना कोई गंभीर समस्या नहीं है, यह आज कल की पीढ़ी में बहुत आम बात सी हो गई है. काम के तनाव और दिनभर की व्यस्तता की वजह से याददाश्त पर काफी प्रभाव पड़ता है. इसलिए अपनी याददाश्त को बढ़ाने के लिए कई तरह के घरेलू नुस्खों को आजमा कर भी याददाश्त बढ़ा सकते हैं. आइए जानते हैं स्मरण शक्ति को बढ़ाने वाले घरेलू उपायों के बारे में.


जिनसेंग से बढ़ेगी बौद्धिक क्षमता-


जिनसेंग में जिंसेनोसाइड नामक एक खास तत्व होता है. यह स्मरण शक्ति बढ़ाने में काफी सहायक होता है. जिनसेंग के नियमित सेवन से मस्तिष्क की कोशिकाएं बेहतर होती हैं. इससे याददाश्त बढ़ने में मदद मिलती है.


शंखपुष्पी याददाश्त बढ़ाने की बेहतर जड़ी-बूटी-


शंखपुष्पी के सेवन से तनाव जैसी समस्याएं दूर होती है. इसमें भरपूर एंटी ऑक्सीडेंट तत्व पाए जाते हैं, जिससे मस्तिष्क का स्वास्थ्य बेहतर होता है. शंखपुष्पी के सेवन से अनिद्रा और एंग्जाइटी जैसी समस्याएं भी दूर होती हैं.


ब्राम्ही याददाश्त बढ़ाने की आयुर्वेदिक औषधि-


ब्राम्ही भी याददाश्त और मानसिक क्षमता बढ़ाने कि एक बेहतर आयुर्वेदिक औषधि है. ब्राम्ही में सिटग्मास्टेरोल और बैकोसाइड जैसे तत्व पाए जाते हैं, जो मस्तिष्क की कार्यक्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं. अधिकतर लोग तनाव से राहत पाने के लिए बाह्मी तेल से मालिश करते हैं. ब्राह्मी तेल के उपयोग से बाल भी घने और मजबूत होते हैं.


फिश ऑयल से भी बढ़ेगी यददाश्त-


फिश ऑयल से भी याददाश्त बढ़ने में मदद मिलती है. मछली के तेल में ओमेगा-3 फैटी एसिड, इकोसपेंटेनाइक एसिड और डोकोहैक्सेनोइक एसिड आदि सभी पाए जाते हैं, जो मानसिक तनाव और एंग्जाइटी को दूर करने में सहायक होते हैं. फिश ऑयल से बुजुर्गों की याददाश्त में भी सुधार हो सकता है.


प्राणायाम से भी मजबूत होता है मस्तिष्क-


प्राणायाम करने से शरीर का तनाव दूर होता है. इससे शरीर में रक्त संचार ठीक तरह से होता है, जिससे मस्तिष्क की मांसपेशियों को भी मजबूती मिलती है. स्मरण शक्ति बेहतर होती है और भूलने की समस्या दूर होती है. प्राणायाम में कई तरह के ऐसे प्राणायाम हैं, जिनसे शरीर में हल्कापन भी महसूस होता है और शरीर की अन्य समस्याएं भी ठीक होती हैं.


सेब के सेवन से कम होंगी मानसिक बीमारियां-


सेब में क्यूरसेटिन पाया जाता है, जो एक प्रकार का खास एंटीऑक्सीडेंट तत्व होता है. यह मस्तिष्क की कोशिकाओं को क्षतिग्रस्त होने से बचाता है. जब मस्तिष्क की कोशिकाओं को क्षति पहुंचती है, तो इससे कई तरह की गंभीर मानसिक समस्याएं हो सकती हैं. सेब के नियमित सेवन से मस्तिष्क की कोशिकाएं स्वस्थ रहती हैं, जिससे पार्किंसन, अल्जाइमर जैसी बीमारियां होने से बचा जा सकता है.


लें भरपूर नींद –


भरपूर नींद न केवल मस्तिष्क के लिए बल्कि संपूर्ण शरीर के स्वास्थ्य के लिए जरूरी होती है. भरपूर नींद शरीर की टूट-फूट को भरने का कार्य करती है. व्यस्तता के चलते कई लोग भरपूर नींद नहीं ले पाते हैं, जिससे उन्हें तनाव के कारण मानसिक स्वास्थ्य पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है. इस कारण उनकी याददाश्त पर भी प्रभाव पड़ता है, इसलिए भरपूर नींद लें और स्वस्थ रहें.


Also Read: अगर आप भी वजन कम करने के लिए रात में खाली पेट सो जाते हैं, तो इन गंभीर बीमारियों को दे रहे न्यौता 


Also Read: रोजाना सूर्य नमस्कार से होते चमत्कारिक फायदे, बीमारियों को भगाने में रामबाण हैं ये योगासन


( देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं. )

Related news

गर्मियों में इन चीजों से बनाएं दूरी, वरना भुगतना पड़ सकता है भारी परिणाम

Satya Prakash

भुने चने खाने से होंगे अनगिनत लाभ, रोजाना करें डाइट में शामिल

Satya Prakash

अब Flipkart, Amazon की तरह भारतीय डाक लाएगा सामान सीधे आपके घर

BT Bureau