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खुफिया रिपोर्ट में खुलासा: PFI और भीम आर्मी से जुड़े हैं दिल्ली-अलीगढ़ में हुई CAA विरोधी हिंसा के तार

Intelligence report

उत्तर प्रदेश राज्य खुफिया विभाग की खुफिया रिपोर्ट (Intelligence report) हैरान करने वाली है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि कुछ मोबाइल फोन नंबरों की कॉल डिटेल निकालने पर इस बात का खुलासा हुआ है कि दिल्ली के उत्तर-पूर्वी जिले में पिछले 2 दिनों में आगजनी और गोलीबारी की विभिन्न घटनाओं का संबंध भी इसी समय अलीगढ़ में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन से जुड़ा हुआ है। राज्य की खुफिया रिपोर्ट ने रविवार को खुलासा किया कि अलीगढ़ के अंबेडकर पार्क में विरोध प्रदर्शन करने वाले भीम आर्मी के पदाधिकारियों ने नगर मजिस्ट्रेट को एक ज्ञापन सौंपने के बाद पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के पदाधिकारियों से मुलाकात की।


इसी दौरान अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्रों के एक संगठन ने भी भीम आर्मी और पीएफआई नेताओं से मुलाकात की। रिपोर्ट में कहा गया कि भीम आर्मी की अगुवाई में एक बड़ा प्रतिनिधि मंडल शहर के बीच एक धार्मिक स्थान पर पहुंचा, जहां उन्होंने पोस्टर हटाने शुरू कर दिए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान जब पुलिस ने विरोध किया तो आक्रोशित भीड़ ने पुलिस बल पर पत्थरबाजी शुरू कर दी।


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इसके बाद शहर के अपर कोर्ट और जमालपुर क्षेत्र में भी हिंसा शुरू हो गई, जहां पहले से ही सीएए संबंधित विशाल विरोध प्रदर्शन चल रहा था। अलीगढ़ पुलिस के एक सीओ ने बताया है कि विभिन्न स्थानों पर एक साथ ही हिंसक घटनाएं शुरू हो गईं। ऐसा लगता है कि यह (पत्थरबाजी) सुनियोजित थी और दिल्ली के उत्तर-पूर्वी जिला में हुई हिंसा से संबद्ध है। उन्होंने बताया कि हम कुछ महत्वपूर्ण फोन नंबरों के डाटा ले रहे हैं।


दिल्ली और अलीगढ़ में सीएए विरोधी हिंसाओं के समय और पैटर्न में काफी समानताएं हैं। रिपोर्ट के अनुसार, दोनों स्थानों पर हिंसा की शुरुआत पत्थरबाजी से हुई। भीड़ बढ़ने के बाद हिंसा करने वालों, जिनमें ज्यादातर हथियारों से लैस थे…इन लोगों ने आगजनी करना और दुकाने लूटना शुरू कर दिया। रिपोर्ट कहती है कि अलीढ़ में खैर मार्ग क्षेत्र में दुकानों में लूटपाट हुई, वहीं दिल्ली के जाफराबाद क्षेत्र में एक पेट्रोल पंप में आग लगा दी गई और कई दुकानों को लूट लिया गया।


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रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि हिंसक प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों को निशाना बनाकर हमला किया। निशाना बनाकर किए गए इन हमलों में दिल्ली में हेड कांस्टेबल रतनलाल की मौत हो गई। वहीं, पुलिस उपायुक्त अमित शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए। रिपोर्ट यह भी कहती है कि अलीगढ़ में पुलिस निरीक्षक रविंद्र कुमार सिंह और कई अन्य कांस्टेबलों पर भीड़ ने हमला कर दिया। सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों ने पुलिस वाहनों समेत अन्य सरकारी संपत्तियों को भी नष्ट कर दिया।


इससे पहले प्रर्वतन निदेशालय (ईडी) द्वारा गृह मंत्रालय को भेजी गई रिपोर्ट में कहा गया कि पीएफआई ने अपने बैंक खाते से सीएए विरोधी प्रदर्शनों में संलिप्त कई लोगों को रुपये भेजे। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ऐसे 73 बैंक खाते चिन्हित किए गए। ईडी की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रमुख लेन-देन पीएफआई के दिल्ली स्थित मुख्य खाते से हुए। पीएफआई का मुख्यालय शाहीन बाग में स्थित है, जहां देश का सबसे बड़ा सीएए-विरोधी धरना प्रदर्शन चल रहा है। पीएफआई नेताओं और भीम आर्मी के पदाधिकारियों के बीच संबंध ईडी ने भी उजागर किए हैं। रिपोर्ट्स में कहा गया कि पीएफआई का दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद परवेज अहमद शाहीन बाग प्रदर्शन का प्रमुख भागीदार है। परवेज भीम आर्मी के कई व्हाट्सएप ग्रुपों से भी जुड़ा हुआ है।


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