टेरर फंडिंग में कोर्ट ने यासीन मलिक को दोषी ठहराया, पाकिस्तान दुनिया के सामने गिड़गिड़ाया

जम्मू-कश्मीर के प्रतिबंधित संगठन जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) के प्रमुख यासीन मलिक (Yasin Malik) को NIA कोर्ट ने टेरर फंडिंग मामले में दोषी ठहराया है. मलिक ने भी अपना गुनाह कुबूल कर लिया है. मलिक को दोषी ठहराए जाने के बाद पाकिस्तान (Pakistan) पूरी तरह बौखला गया है. वह दुनिया के सामने यासीन को सियासी कैदी बता रहा है. इतना ही नहीं उसने मानवाधिकारों का हवाला देते हुए दुनिया के अन्य देशों से भारत को रोके जाने की अपील तक कर डाली है.’

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक ट्वीट कर कहा है कि दुनिया को जम्मू और कश्मीर में राजनीतिक कैदियों के साथ भारत सरकार के दुर्व्यवहार पर ध्यान देना चाहिए.

सोमवार को किए गए एक ट्वीट में उन्होंने लिखा, ‘दुनिया को भारत के अवैध रूप से अधिकृत जम्मू और कश्मीर (IIOJ&K) में राजनीतिक कैदियों के साथ भारत सरकार के दुर्व्यवहार पर ध्यान देना चाहिए. प्रमुख कश्मीरी नेता यासीन मलिक को फर्जी आतंकवाद के आरोपों में दोषी ठहराना भारत के मानवाधिकारों के हनन की आलोचना करने वाली आवाजों को चुप कराने का निरर्थक प्रयास है. मोदी सरकार को इसके लिए दोषी ठहराया जाना चाहिए.’

25 मई को यासीन मलिक की सजा पर फैसला
यासीन मलिक पर आतंकी गतिविधियों से जुड़े कई मामलों में दोषी ठहराया गया है. अदालत 25 मई को उसकी सजा पर फैसला करेगी. मलिक पर UAPA के तहत लगाए गए हैं. उस पर जो धाराएं हैं, उनमें अधिकतम सजा आजीवन कारावास है. पिछली सुनवाई में यासीन ने अपने वकील को वापस ले लिया था. उसने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को स्वीकार कर लिया था. वहीं, सुनवाई से पहले ही पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करते हुए इलाके की घेराबंदी कर दी और मीडियाकर्मियों को सुनवाई के दौरान अदालत के बाहर इंतजार करने को कहा.

Also Read: WHO ने कहा- Gay Sex से फैला Monkeypox, बताए ‘मंकीपॉक्स’ के 6 गंभीर लक्षण और बचाव

( देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं. )