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यूपी: आज से 100 थानों में शुरू हुई बीट पुलिसिंग, सिपाहियों के कंधे पर आई बड़ी जिम्मेदारी

आज से उत्तर प्रदेश में बीट पुलिसिंग लागू हो गयी है. जिसके अंतर्गत बीट अफसरों को भी फील्ड पर उतरकर घूमना पड़ेगा. यह प्रणाली प्रदेश के जिलों में चयनित किये गये 100 थानों में लागू की गयी है. यूपी पुलिस (UP Police) डीजीपी ओपी सिंह ने इसको एक बड़ा प्रयोग भी बताया. हाल ही में प्रदेश के दो जिलों में कमिश्नर प्रणाली लागू की गयी है. जिसके बाद बीट पुलिसिंग को काफी बड़ा कदम माना जा रहा है.


इन जिलों के थानों का हुआ है चयन

पुलिसकर्मियों की दिक्कत देखते हुए डीजीपी ओपी सिंह ने कुछ समय पहले बीट प्रणाली लागू करने के आदेश दिए थे. प्रदेश भर से 100 थानों को बीट पुलिसिंग के लिए चुना गया था. रेंज मुख्यालय वाले 18 जिलों के अलावा सात अन्य जिलों गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर, मथुरा, बिजनौर, जौनपुर व सीतापुर से दो-दो थानों को चुना गया है. प्रदेश के 50 जिलों से एक-एक थाने का चयन किया गया है.


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वहीँ पुलिसिंग और और भी ज्यादा स्मार्ट बनाने के लिए थानों में उच्चतम मानक के संसाधन मुहैया कराए गए हैं. बीट पुलिस अधिकारियों को प्रशिक्षण देकर एक छोटा शस्त्र, सरकारी मोटरसाइकिल, डाटा प्लान के साथ सीयूजी फोन, वायरलेस सेट व बैटन के अलावा यथासंभव बाडी वार्न कैमरा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है. इसी के साथ डीजीपी ने साथ तौर पर ये आदेश दिया है कि चयनित थाने पर उपलब्ध मैनपॉवर में से कम से कम 40 प्रतिशत कर्मचारियों को बीट ड्यूटी के लिए लगाया जाए, ताकि अपराध का ग्राफ तेजी से गिरे.


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इन सभी में बीट पुलिस अधिकारी का जिम्मा सिपाहियों को दे दिया गया है. इन्हें अपनी बीट के क्षेत्र में रहने वाले हिस्ट्रीशीटर, गैंगस्टर के साथ ही प्रबुद्ध लोगों के बारे में भी पूरी जानकारी रखनी होगी. उनके क्षेत्र में किसके खिलाफ एनसीआर दर्ज हुई और किसके खिलाफ एफआइआर इसकी जानकारी रखने के साथ जेल से छूटने वाले अभियुक्तों का भी ब्योरा रखना पड़ेगा.


अपराध के ग्राफ में आयेगी कमी

बता दें कि उत्तर प्रदेश में लखनऊ और नोएडा में कमिश्‍नर प्रणाली लागू होने के बाद यह बीट सिस्‍टम भी लागू किया जा रहा है. इस बदलाव के पीछे कवायद यह है कि छोटी से छोटी घटना पर मौके पर तुरंत पीडि़त को सहायता मिल सके. साथ ही कानून व्‍यवस्‍था सुदृढ़ हो सके. ऐसा अंदेशा लगाया जा रहा है कि इससे अपराध में कमी आयेगी.


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