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आगरा: जेबकतरे को पकड़ने के लिए रिक्शाचालक बन गया सिपाही, 3 दिन चलाया रिक्शा और फिर कुछ यूं रंगे हाथ किया गिरफ्तार

अपराधियों को पकड़ने के लिए यूपी पुलिस के जवान आए दिन कोई न कोई तिकड़म भिड़ाते रहते हैं। मामला आगरा जिले का है, जहां जेब कतरे को पकड़ने के लिए सिपाही ने कई दिनों तक ई रिक्शा चलाया। शुक्रवार को उनके रिक्शा में बैठे एक बुजुर्ग की जेब काटने पर सिपाही ने आरोपी शंकर को रंगेहाथ पकड़ लिया। इसके बाद सिपाही उसे थाने ले गया।


ये है मामला

जानकारी के मुताबिक, आगरा जिले में जेब कतरों के हौसले कुछ ज्यादा ही बुलंद होते जा रहे है। जिसके चलते जिले की पुलिस ने इसके गिरोह का पर्दाफाश करने की बात ठानी। इसके लिए आगरा में तैनात सिपाही गौतम को ई-रिक्शा का चालक बनाया गया। वो संजय प्लेस से लोहामंडी तक ई-रिक्शा चलाते। अन्य चालकों से बातचीत में संदिग्धों के बारे में पूछते। कभी किसी को सिपाही पर शक नहीं हुआ।


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इसी के चलते जब दोपहर संजय प्लेस से हरीपर्वत चौराहे के लिए बुजुर्ग सवारी उनके ई-रिक्शा में बैठी। उसके बराबर में एक व्यक्ति अपने पैरों पर थैला रखकर बैठ गया। उसने बुजुर्ग की जेब काट ली। बुजुर्ग के शोर मचाने पर सिपाही ने पकड़ लिया। उसके पास से 65 हजार रुपये बरामद हो गए।सिपाही के पकड़ने पर वो डर गए। उन्हें लगा कि सिपाही भी जेबकतरे का साथी है। थाने पहुंचने पर उनका डर मिटा। हालांकि बुजुर्ग ने कोई मुकदमा दर्ज नहीं कराया।


नाम में कर रहा था फेरबदल

आरोपी को थाना हरीपर्वत में भेजा गया तो पूछताछ में आरोपी ने पहले अपना नाम संजय गिहारा निवासी पुरवा, थाना बिंदकी, फतेहपुर बताया। पुलिस को शक हुआ तो सख्ती की तो अपना असली नाम शंकर निवासी रामनगर गिहार बस्ती, थाना छिबरामऊ, कन्नौज बताया।


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