कानपुर पुलिस कमिश्नर की शानदार पहल, घर बैठे पुलिस परिवारों को उपलब्ध करा रहे इलाज, डॉक्टरों से मांगी मदद

उत्तर प्रदेश में पुलिस विभाग कोरोना महामारी के इस दौर में अपनी जान जोखिम में डाल कर लोगों की मदद कर रहा है। इसी के अंतर्गत कानपुर पुलिस कमिश्नर असीम अरुण ने भी एक अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान में हर घर को अस्पताल बनाया जा रहा है। यानी कि घर बैठे फोन के जरिए लोगों की समस्याओं को दूर किया जा रहा है। फिलहाल अभी इसके प्रयोग के लिए सिर्फ पुलिस कर्मियों के परिवारों को शामिल किया जा रहा है। इस अभियान में अपना योगदान देने के लिए पुलिस कमिश्नर ने शहर भर के डॉक्टरों से योगदान मांगा है।


दो अफसरों ने संभाला जिम्मा

जानकारी के मुताबिक, कानपुर में अपर पुलिस आयुक्त डॉक्टर मनोज कुमार और एडीशनल डीसीपी डॉक्टर अनिल कुमार एमबीबीएस हैं। इन दोनों अधिकारियों ने महामारी को लेकर सघन अध्ययन करके इस पद्धति से संक्रमण रोकने की योजना तैयार की है। दोनों इस समय Covid संक्रमित लोगों का इलाज भी कर रहे हैं। अगर पुलिस कमिश्नर असीम अरुण की मानें तो इस समय जिले में तमाम ऐसे फिजीशियन हैं जो इस समय प्रैक्टिस नहीं कर रहे हैं। ऐसे में उन्हें पुलिस की मदद करनी चाहिए।


इस महामारी के दौर में उन्हें अपना फर्ज खुद आगे आकर निभाना चाहिए। इसके लिए डॉक्टरों को अपने घर से बाहर नहीं जाना होगा, बल्कि वह मोबाइल पर मरीज से बात करेंगे और इलाज शुरू करेंगे। पुलिस कमिश्नर ने इस पहल में लिए एक नंबर जारी किया है। डॉक्टरों की संस्था या डॉक्टर स्वयं इस अभियान से जुड़ सकते हैं।


अगर कोई डॉक्टर पुलिस की इस पहल में साथ देना चाहे तो वह मोबाइल नंबर 9454401077 पर संपर्क कर सकते हैं। कमिश्नरेट पुलिस के इस अभियान का सोमवार से शुभारंभ हो गया। चूंकि अभी केवल दस डॉक्टरों का समूह ही बना है। प्रयोग के तौर पर अभी सिर्फ पुलिस कर्मियों के परिवारों का इस अभियान के अंतर्गत इलाज किया जा रहा है।


दी जा रही किट

बता दें कि शासन के निर्देश पर पुलिस विभाग ने अपने कर्मचारियों व उनके परिवारों को कोरोना किट देना शुरू किया है। इसमें थर्मामीटर व ऑक्सोमीटर भी होगा। ठीक होने के बाद मरीज को दोनों यंत्र पुलिस विभाग को लौटाने होंगे। अफसरों का मानना है कि दूसरी लहर कमजोर पड़ रही है, लेकिन अभी भी मरीजों की संख्या हजारों में है। वहीं तीसरी लहर की आशंका भी व्यक्त की जा रही है। ऐसे में अभी से तैयारी की जानी चाहिए। ताकि आगे आने वाले समय में कोई दिक्कत न हो।


Also read: मिसाल: Covid मरीजों के लिए मसीहा बनी ये IPS भाई-IAS बहन की जोड़ी, एक संक्रमितों का इलाज कर रहे तो दूसरी दूर कर रहीं ऑक्सीजन की किल्लत


( देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं. )