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UP: जब शहीद की बेटी के जन्मदिन पर केक-गिफ्ट लेकर पहुंची मथुरा पुलिस, परिजनों की खुशी का नहीं रहा ठिकाना

कोरोना काल के समय यूपी पुलिस के जवानों का अलग ही रूप सामने आया था. इस दौरान लोगों की मदद को पुलिस के जवान 24 घंटे खड़े रहे. कोरोना का ग्राफ घटने के बाद भी पुलिसकर्मी लोगों के चेहरे पर ख़ुशी लाने के लिए डटे हुए हैं. मामला मथुरा जिले का है, जहाँ सेना की 18वीं जाट रेजिमेंट के सैनिक शहीद बबलू सिंह के परिजन रविवार को उस समय आश्चर्यचकित रह गए पुलिस की दो टीमें उनके घर बेटी का जन्मदिन मनाने के लिए गिफ्ट और केक लेकर पहुंच गए. इससे बच्ची के चेहरे पर ख़ुशी आ गयी और परिवार ने भी पुलिस का धन्यवाद दिया.


ख़ुशी से चहक उठी बच्ची

जानकारी के मुताबिक, मथुरा जनपद के बालाजीपुरम में रहने वाले और सेना की 18वीं जाट रेजिमेंट के सैनिक शहीद बबलू सिंह के परिजन रविवार को उस समय भौचक्के रह गए जब स्थानीय पुलिस एवं पीआरवी की दो टीमें उनके घर बेटी गरिमा का जन्मदिन मनाने के लिए गिफ्ट और केक लेकर पहुंच गए. शहीद के भाई सतीश सिंह ने बताया, यह वाकई हम सबके लिए तो बहुत सुखद अनुभव था ही, परंतु भतीजी गरिमा के लिए बहुत ही आश्चर्य व खुशियों से भरा मौका था. उन्होंने बताया कि उसे उसके पिता शहीद बबलू सिंह बेहद प्यार करते थे और पांच साल पहले उनकी शहादत के वक्त वह केवल चार साल की थी. उसका भाई द्रोण उससे दो साल बड़ा है.


शहीद के भाई ने बताया कि हमारा मूल गांव तो फरह थाना क्षेत्र में झण्डीपुर है, लेकिन भाई की शहादत के बाद हम लोग अब शहर के थाना हाईवे क्षेत्र की बालाजीपुरम कॉलोनी में ही रहते हैं. रविवार को जब सुबह अचानक पुलिस की दो गाड़ियां पहुंची और सीधे हमारे घर की ओर रुख किया, तो सब हैरान रह गए. इसके अलावा उन्‍होंने बताया कि पुलिस कर्मी गरिमा के नाम का बधाई संदेश लिखा केक और मिठाई के पैकेट लेकर आते दिखाई दिए तो सभी की खुशी ठिकाना न रहा. हम सभी को इस प्रकार बच्ची का जन्मदिन मनाने के लिए पुलिस का यकायक घर पर आ जाना दिल में गहरे तक छू गया.


एसएसपी ने बताया ये

एसएसपी गौरव ग्रोवर कहा कि देश की रक्षा में अपना बलिदान देने वाले शहीदों का समाज के लिए योगदान अमूल्य है. उन्होंने कहा कि शहीद बबलू सिंह की शहादत को नमन करने के लिए हमने उनकी वीर बेटी का जन्मदिन मनाने का फैसला किया। एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस सदैव सबकी सेवा और खुशियों के लिए तत्पर है.


बता दें कि बबलू सिंह 30 जुलाई 2016 को नौगांव के कुपवाड़ा सेक्टर में सीमा पार से आए आतंकवादियों से लड़ते हुए शहीद हो गए थे. उनके मरणोपरांत वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. शहीद बबलू सिंह सेना की 18 जाट रेजीमेंट यूनिट का हिस्सा थे जो गांव झडीपुर थाना फरह जनपद मथुरा के निवासी थे.


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