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उन्नाव केस में योगी सरकार की कड़ी कार्रवाई, सुनवाई में लापरवाही दिखाने पर SHO समेत 7 पुलिसकर्मी सस्पेंड

उन्नाव (Unnao) केस में योगी सरकार ने कार्रवाई करते हुए पुलिसकर्मियों को निलम्बित कर दिया है. दरअसल, गैंगरेप मामले में एसपी विक्रांत वीर ने रविवार की देर शाम बिहार इंस्पेक्टर पर कार्रवाई कर दी है. एसपी ने बिहार थाना प्रभारी अजय त्रिपाठी समेत दो दरोगाओं व चार सिपाहियों को निलंबित कर दिया है. इन सभी पर अपने काम के प्रति लपरवाही दिखने का आरोप लगा है. दुष्कर्म पीड़िता ने शुक्रवार देर रात दम तोड़ दिया था, जिसके बाद गांव के बाहर रविवार को उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया.


ये हुए निलम्बित

जानकारी के मुताबिक, उन्नाव (Unnao) रेप केस में लापरवाही दिखाने के आरोप में एसपी विक्रांत वीर ने बिहार प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार त्रिपाठी, प्रभारी बीट अरविन्द सिंह रघुवंशी, श्रीराम तिवारी, बीट आरक्षी अब्दुल वसीम, आरक्षी पंकज यादव, आरक्षी मनोज और आरक्षी संदीप कुमार को निलम्बित कर दिया. एसपी ने सर्विलांस व स्वाट टीम प्रभारी विकास पांडेय को बिहार थाने की कमान सौंपी है. वही अनावरण एवं विवेचना शाखा में तैनात निरीक्षक राजेंद्र सिंह को सर्विलांस और स्वाट टीम का प्रभारी बनाया गया है.


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उन्नाव (Unnao) एसपी विक्रांत वीर ने बताया कि निलंबित किए गए पुलिस कर्मियों को कार्य के प्रति लापरवाही, अपराध नियंत्रण, घटनाओं व दर्ज एफआईआर में शिथिलिता बरती गई. जिस पर इनके विरुद्ध कार्रवाई की गई है. बताया कि लापरवाह पुलिस कर्मियों को कतई बख्शा नहीं जाएगा. इसी के साथ एसपी ने महिलाओं की सुरक्षा के सभी थानों की पुलिस को कड़ी चेतवानी दी है.


इस कार्रवाई के बाद से अधिनस्थों द्वारा ये सवाल उठाया जा रहा है कि मामले में सिर्फ निचले स्तर के पुलिसकर्मियों की जबावदेही बनती है. जिला, रेंज और जोन स्तर के अफसर जो मुठभेड़ होने पर मैडल पाते हैं उनकी कोई जिम्मेदारी नहीं बनती?


फास्ट-ट्रैक कोर्ट में चलेगा केस

बता दें कि गैंगरेप पीड़िता की शुक्रवार को मौत हो गयी थी. जिसके बाद काफी बवाल भी हुआ था. जिला प्रशासन और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की ओर से आश्वासन मिलने के बाद पीड़िता का रविवार को अंतिम संस्कार किया गया था. पीड़िता के परिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 25 लाख रुपये की सहायता देने का ऐलान किया है. साथ ही सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत परिवार को एक घर और मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने का आश्वासन दिया है.


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