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CAA-NRC को लेकर बसपा किसी भी मंच पर, कहीं भी बहस करने को तैयार: मायावती

mayawati

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) चीफ मायावती (Mayawati) ने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए), एनपीआर और एनआरसी को लेकर गृहमंत्री अमित शाह की बहस की चुनौती स्वीकार कर ली है। इससे पहले सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने भी इस चुनौती को स्वीकार करते हुए खुले मंच पर बहस करने की बात चुके हैं।


मायावती बोलीं- आंदोलन से परेशान केंद्र सरकार


मायावती (Mayawati) ने ट्वीट कर कहा कि आति-विवादित CAA/NRC/NPR के खिलाफ पूरे देश में खासकर युवा व महिलाओं के संगठित होकर संघर्ष व आन्दोलित हो जाने से परेशान केन्द्र सरकार द्वारा लखनऊ की रैली में विपक्ष को इस मुद्दे पर बहस करने की चुनौती को BSP किसी भी मंच पर व कहीं भी स्वीकार करने को तैयार है।


Also Read: अखिलेश यादव ने स्वीकारी गृहमंत्री शाह की चुनौती, कहा- CAA ही नहीं, विकास पर भी कर लें बहस, हम तैयार


बता दें कि नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship Amendment Act) के समर्थन में मंगलवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Home minister amit shah) ने उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के रामकथा पार्क में एक जनसभा की थी। यहां अपने भाषण में उन्होंने विपक्ष को नसीहत देते हुए नागरिकता संशोधन कानून को लेकर हो रही हिंसा के लिए समाजवादी पार्टी, कांग्रेस, बहुज पार्टी, तृणमूल कंग्रेस को जिम्मेदार ठहराया।


जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ प्रचार किया जा रहा है कि इसकी वजह से इस देश के मुसलमानों की नागरिकता चली जाएगी। ममता दीदी, राहुल बाबा, अखिलेश यादव चर्चा करने के लिए सार्वजनिक मंच तलाश लो, हमारा स्वतंत्र देव चर्चा करने के लिए तैयार है। सीएए के खिलाफ राहुल बाबा, ममता, अखिलेश, मायावती समेत सारी ब्रिगेड कांव-कांव कर रही है। मैं लखनऊ की भूमि से डंके की चोट पर कहने आया हूं कि जिसे विरोध करना हो करे, सीएए वापस नहीं होगा।


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