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आंदोलनकारी किसानों की खुली पोल, अपहरण कर मासूम को 5 दिन तक पीटा, हत्या की धमकी देकर बुलवाया झूठ

सिंधु बॉर्डर (Singhu Border) पर पकड़े गए संदिग्ध युवक ने किसानों को लेकर सनसनीखेज खुलासा किया है. उसने किसानों पर अपहरण करने, बेरहमी से मारपीट, औऱ जान से मार डालने की धमकी देकर झूठ बुलवाने का आरोप लगाया है. अभी तक जिसे हम बतौर ‘मास्क मैन’ जानते थे उसका नाम योगेश सिंह है (Yogesh Singh) और वह सोनीपत का रहने वाला है. योगेश ने बताया कि वह अपनी जान बचाने के लिए किसानों द्वारा दी गई झूठी स्क्रिप्ट मीडिया के सामने पढ़ रहा था. योगेश का मीडिया सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.


ट्रॉली में उल्टा लटकाकर बेल्टों से पीटा

योगेश ने बताया कि 19 जनवरी को उसके मामा के बेटा हुआ था, इसके लिए वह डीटीसी बस से दिल्ली आया था, तब दिल्ली पुलिस ने उसे नरेला से आगे पैदल भेजा था. उसने बताया कि इस दौरान 19 तारीख की शाम साढ़े चार बजे जब मैं कुंडली एरिया में जा रहा था तब मैंने उनसे (किसानों) से यह झूठ बोला था कि वहां कोई लड़की छेड़ रहा है, हालांकि वहां कोई भी लड़की नहीं छेड़ रहा था. इसके बाद उन्होंने मुझे पकड़ लिया और कैम्प में ले जाकर पैंट उतारकर ट्रॉली में उल्टा लटका कर बेल्टों से काफी मारा-पीटा.


दारू पिलाकर वीडियो बनवाई

अगले दिन उन्होंने मुझसे कहा कि हम जो कहेंगे तुझे वही करना होगा, जिसके लिए मैंने हां कर दिया. इसके बाद उन्होंने मुझे खाना खिलाया और रात को दारू भी पिलाई और मेरी वीडियो बनाई. अगले दिन उन्होंने मुझे वहां पर बिठाया और कहा कि जैसा हम कहेंगे वैसा ही तुझे बोलना है. योगेश ने बताया कि उसके साथ चार लड़के और पकड़े गए थे, जिनमें से एक का नाम सागर था और एक का नाम उसे पता नहीं है.


हमारी कही नहीं बोली तो मार देंगे

योगेश ने कहा कि सागर ने मुझसे कहा था कि उसने कुछ नहीं किया था फिर भी यह लोग उसे मार रहे हैं, इसके बाद किसी तरह सागर वहां से भाग गया था. फिर अगले दिन जब मैं उठा तो उन्होंने मुझे बताया कि उन्होंने सागर को मार दिया है. अगर तू छूटना चाहता है तो जैसा हम कहेंगे वैसा ही तुझे बोलना है. इसके बाद अगले दिन भी उन्होंने दारू पीकर मुझे बहुत मारा. इसके बाद उन्होंने दूसरे लड़के को भी मारा और कहा कि अगर तू ने यह नहीं बोला तो हम तुझे और मार देंगे.


तुम्हें काटकर फेंक देंगे किसी को पता भी नहीं चलेगा

योगेश के मुताबिक, मैंने 112 नंबर पर भी कॉल भी मिलाई और कहा कि मुझे पुलिस के हवाले कर दो, लेकिन उन्होंने कहा कि हम तुझे किसी के हवाले नहीं करेंगे. हम अगर मारते हैं तो किसी को बताते भी नहीं हैं और मार-काट के फेंक देंगे और किसी को पता भी नहीं लगेगा. उसने कहा कि उनके पास वो लड़के हैं जिनके खिलाफ पहले से कम्पलेंट भी हैं, और उन्होंने जिस लड़के को पाइपों से मारा है वह अधमरी हालत में है. उसे वहां से उठाकर ट्रॉली में रखकर ले गए हैं.


किसानों ने जबरन बुलवाया झूठ

योगेश ने कहा कि फिर एक रात वहां के दो-चार लड़कों ने दारू पिलाकर मुझे काफी मारा था. उन्होंने मुझसे कहा कि योगेश हम जैसा तुझसे कहेंगे, वैसा ही तुझे प्रेस के आगे बोलना है. इसके बाद मैंने एक स्टोरी बनाई कि राई थाने के एसएचओ प्रदीप ने मुझे ऐसा-ऐसा करने के लिए बोला कि मेरे 10 लड़के आएंगे और 26 तारीख के बाद तुझे वहां पर फायरिंग करनी है. इसके बाद मैंने यह सोचकर वह सब बोला कि अगर छूटना है तो झूठा का सहारा लेना ही होगा.


किसानों ने लगाया था अपनी हत्या की साजिश का आरोप

दरअसल, किसान नेताओं ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सनसनीखेज खुलासा करते हुए कहा कि आंदोलन के दौरान हिंसा भड़काने की साजिश की जा रही थी. पीसी में दावा किया गया कि किसान नेताओं की हत्या की भी योजना थी. प्रदर्शकारी किसानों का दावा है कि उन्होंने एक लड़के को पकड़ा है, जिसका कहना है कि वह ट्रैक्टर रैली के दौरान हिंसा भड़काने और किसान नेताओं की हत्या करने के लिए तैयार की गई 10 सदस्यीय टीम का हिस्सा है. युवक ने एक पुलिस अधिकारी का नाम लिया था. किसानों ने संदिग्ध युवक को हरियाणा पुलिस के हवाले कर दिया है.


जिस SHO को बनाया आरोपी, उस नाम का कोई शख्स नहीं

बता दें कि सिंघु बॉर्डर पर पकड़े गए लड़के ने राई के एसएचओ प्रदीप का नाम लिया था और कहा कि उसने किसानों की हत्या करने की प्लानिंग की है जबकि एसएचओ राई का नाम विवेक मलिक है. इस थाने में प्रदीप नाम का कोई और पुलिसवाला नहीं है. राई थाने में पिछले 7 महीने से तैनात एसएचओ विवेक मालिक का कहना है कि “मैं भी पीसी लाइव देख रहा था. मैं खुद हैरान हूं.”


Also Read: Video: सरकार को बदनाम करने की साजिश बेनकाब, राकेश टिकैत के सामने किसान ने खुद तोड़ा अपनी गाड़ी का शीशा, पुलिस पर आरोप


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