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कोरोना आपदा में सीएम योगी प्रदेश के मुखिया का ही नहीं, बेटे का भी निभा रहे हैं फर्ज

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कोरोना वायरस के प्रकोप को देखते हुए पूरा देश लॉकडाउन है. इसके प्रकोप को कम करने के लिए लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) टीम 11 के अधिकारियों के साथ प्रतिदिन समीक्षा बैठक कर रहे हैं और आवश्यक निर्देश भी दे रहे हैं. एक मुखिया के तौर पर उनके कार्यों की सराहना पूरे देश में हो रही है. इन सबके बीच मुख्यमंत्री योगी का एक जिम्मेदार बेटे का रूप भी सामने आया है. आश्रय स्थलों और अपने घरों में अकेले रह रहे बड़े-बुजुर्गों को लेकर उन्होंने बड़ा फैसला लिया है.


5 कालीदास मार्ग स्थित अपने सरकारी आवास पर गुरुवार को कोरोना को लेकर समीक्षा बैठक करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए. जिसमें एक निर्देश यह भी दिया कि यूनीसेफ की तरफ से भेजे गए 34 काउंसलरों और विशेषज्ञों की मदद से आश्रयस्थलों व घरों पर अकेले मौजूद बड़े-बुजुर्गों की काउंसलिंग कराते रहें.


बैठक में योगी ने यह भी कहा कि 1070 को टोल फ्री नंबर के साथ कंट्रोल रूम बनाकर जोड़ें और अपर मुख्य सचिव राजस्व की अगुवाई में लोगों को बड़े-बुजुर्गों को मदद पहुंचाने और सूचनाएं मंगाने के लिए इसका इस्तेमाल करें. उन्होंने कहा कि ये नंबर सभी आश्रयस्थलों और घरों में रह रहे बड़े-बुजुर्गों को उपलब्ध कराएं. लोगों को बताएं कि कोई भी किसी वक्त समस्या पडऩे पर लिए इस नंबर पर फोन कर सकता है.


बता दें कि कोरोना वायरस के प्रकोप को देखते हुए पूरा प्रदेश लॉकडाउन है। इस दौरान उन बुजुर्गों को सबसे ज्यादा समस्या का सामना करना पड़ रहा है, जो आश्रयस्थलों या फिर अपने घरों में अकेले हैं. इसको देखते हुए मुख्यमंत्री योगी ने उनकी काउंसलिंग कराने का निर्देश दिया है.


Also Read: तबलीगी जमात पर सीएम योगी सख्त, बोले- जो बदसलूकी करे तुरंत दर्ज करो FIR


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