आतंकी हमलों के पीछे छिप जाती है पुलवामा की ये खूबसूरत तस्वीर

हालही में पुलवामा में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया है, ऐसे में देश-विदेश में आज हर जगह सब की जुबान पर पुलवामा का नाम है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पुलवामा में सबसे ज्यादा आतंकी हमले होते हैं. इसी कारण यह घाटी में सबसे ज्यादा चर्चा में रहता है. श्रीनगर के डलगेट से महज 28 किलोमीटर दूर 951 वर्ग किलोमीटर में फ़ैले पुलवामा की आबादी 2011 की जनगणना के मुताबिक लगभग 5.70 लाख है. यहां जनसंख्या घनत्व 598 प्रति किलोमीटर है और आबादी के लिहाज से देश के 640 ज़िलों में इसका 535वां स्थान है.


यहां पुरुष-महिला अनुपात 1000:913 है. यहां 85.65 फ़ीसदी शहरी और 14.35 फ़ीसदी ग्रामीण आबादी है. ज़िले के 65.41 फ़ीसदी पुरुष और 53.81 फ़ीसदी महिलाएं साक्षर हैं. बहुत ही कम लोगों को यह पता है कि पुलवामा में आतंकी हमले होने के बावजूद पूरी दुनिया में अपने खान-पान के लिए मशहूर है. पुलवामा में खान-पान की बढ़िया चीजों की पैदावार होती है. यह क्षेत्र देश का सबसे उच्च क्वॉलिटी के केसर का उत्पादन करता है. ऐसे में आज हम आपको बताते हैं कि केसर के साथ पुलवामा किन चीजों की पैदावार होती है.


प्राकृतिक नज़ारों से सजी है पुलवामा नगरी


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पुलवामा की जलवायु में बड़ी संख्या में झरने और प्राकृतिक नज़ारों की भरमार है. यहां तसर और मर्सार सबसे महत्वपूर्ण झीलों में से हैं. शहर से क़रीब 39 किलोमीटर दूर अहरबिल झरने की सुदंरता को देखते ही बनती है. यहां की अर्थव्यवस्था मुख्यतः खेती पर निर्भर है. यहां चावल और केसर की खेती होती है. पुलवामा ज़िला पूरी दुनिया में केसर के उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है. यहाँ केसर, पंपोर, काकापोरा ब्लॉक में उगाई जाती है.


खनिज सम्पदा का धनी है पुलवामा


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जम्मू-कश्मीर भूवैज्ञानिक और खनन विभाग की ज़िला सर्वेक्षण रिपोर्ट के मुताबिक ज़िले में झेलम नदी के साथ-साथ अरपाल, रोम्शीस समेत कई धाराएं निकलती हैं. ये सभी धाराएं प्रकृति में बारहमासी हैं और ज़िले के विभिन्न स्थानों पर खनिजों को जमा करती हैं. झेलम से रेत और बजरी के अलावा यहां प्रचुर मात्रा में चूना पत्थर भी निकाला जाता है. इसके अलावा इलाके के बलुआ पत्थर और चिकनी मिट्टी से भी राज्य की आमदनी होती है.


यहां के सेब होते हैं विदेशों में एक्सपोर्ट


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जैसा की आप सभी को पता है सेब की खेती ठंडी जगहों पर होती है, ऐसे में पुलवामा सेब की खेती के लिए काफी उपयुक्त जगह मानी जाती है. यहां सेब और चेरी का काफी उत्पादन होता है. यहां के सेब और चेरी की डिमांड विदेशों में खूब होती है.


ड्राईफूट्स


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पुलवामा में ड्राई फूट्स की पैदावार खूब होती है. यहां बादाम और अखरोट का बड़े पैमाने उत्पादन किया जाता है. इन्हीं चीजों से यहां के ज्यादातर लोगों का भरण-पोषण होता है. केसर की तरह यहां के ड्राईफूट्स भी विदेशों में भी एक्सपोर्ट किए जाते हैं.


केसर


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पुलवामा में होने वाली खेती देश की इकॉनमी में काफी अहम भूमिका निभाती है. पुलवामा में देश का सबसे उच्च क्वॉलिटी के केसर का उत्पादन होता है. यहां का केसर देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी एक्सपोर्ट होता है.


बढ़िया क्वॉलिटी के दूध का होता है उत्पादन


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इनके अलावा पुलवामा इंडस्ट्रीज के लिए भी जाना जाता है. पूरे जम्मू-कश्मीर में पुलवामा जिले में सबसे ज्यादा और बढ़िया क्वॉलिटी के दूध का उत्पादन भी होता है. पुलवामा में जूम-जूम नामक मिल्क कंपनी का प्रोडक्शन सबसे ज्यादा होता है.


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