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भूलकर भी इस दिशा में ना रखें पैर, नहीं तो बुरा समय आने में नहीं लगेगी देर

अध्यात्म: हमें बचपन से ही घर के बड़े शिष्टाचार के साथ रहन-सहन के तौर तरीके सिखाते हैं. जिसमें आपने कई बार यह भी ध्यान दिया होगा कि बच्चों को बड़ों का सम्मान करने के साथ-साथ उन्हें कैसे रहना है, क्या करना है कितना करना है यह सभी चीजें सिखाई जाती है. साथ ही किसी के सामने किस तरह से उठना-बैठना चाहिए, आदि तमाम बातें हमेशा उसके दिल दिमाग में भरी जाती है और उसे अच्छी से अच्छी सीख दी जाती है.


हिन्दू धर्म के लोग अपने बच्चों को शिष्टाचार से जुड़ी बहुत सारी बातें बताई जाती है. उन्हे कई बातों के साथ साथ यह भी कहा जाता है कि भगवान, गुरु, अग्नि, आदि का हमेशा सम्मान करना चाहिए और गलती से भी कभी उनके सामने पैर करके नहीं बैठना चाहिए. तो चलिए हम आपको बताते है ऐसे ही बातों के बारे में जिनके ओर हमे भूलकर भी पैर नहीं करने की सलाह हमेशा दी जाती है.


कर्म पुराण के अनुसार कहा जाता है, कि यदि हम इस तरह की गलती करते है तो हमारा बुरा वक्त शुरू हो जाता है. जैसे शास्त्रों के अनुसार कहा जाता है कि कभी भी लेटते वक़्त या किसी भी तरह से भगवान की तरफ गलती से भी पैर नहीं करना चाहिए, बता दे की ऐसा करने का मतलब उनका उपमान माना जाता है.


शास्त्रों में बताया गया है कि कभी भी किसी ब्राह्मण का अपमान नहीं करना चाहिए और ना ही कभी उनकी तरह पैर रखकर बैठना चाहिए. ऐसा ही गाय के संबंध में भी माना गया है. बताना चाहेंगे की गाय को हिन्दू धर्म में भगवानों का दर्जा दिया जाता है और उनकी पूजा भी की जाती है. इसलिए गाय की तरफ पैर करना भगवानों का अपमान माना जाता है.


पंचमहाभूत सूर्य को जीवित भगवान के रूप में पुजा जाता है साथ ही किसी भी पूजा पाठ से पहले भी सूर्य भगवान की पूजा की जाती है. इसलिए उनके तरफ कभी पैर नहीं करने चाहिए. साथ ही आपको बता दे की चंद्रमा को भी भगवान का दर्जा दिया जाता है, कहा जाता है की चंद्रमा वनस्पतियों के स्वामी है. इसलिए चंद्रमा के तरफ पैर कभी नहीं करना चाहिए.


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गुरु जिनका शास्त्रों के अनुसार भगवान से भी ऊंचा दर्जा प्राप्त है, गुरु ही हमे जीवन की तमाम शिक्षा और रीत समझाता है साथ ही मार्ग दर्शन भी करता है इसलिए भूल से भी उन्हें कभी भी पैर नहीं दिखाना चाहिए. यह सबसे बड़ा पाप माना जाता है.


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