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करियर के आखिर में गैर-पेशेवर तरीके से व्यवहार किया गया, युवराज सिंह ने BCCI पर लगाए गंभीर इल्जाम

भारत को विश्वकप जिताने वाले पूर्व ऑलराउंडर युवराज सिंह (Yuvraj Singh) ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) पर अपने साथ करियर के अंत में गैर पेशेवर तरीके से बर्ताव करने का आरोप लगाया है. युवराज ने कुछ और पूर्व भारतीय खिलाड़ियों के नाम भी लिए, जिनके साथ बोर्ड का व्यवहार अंत में सही नहीं था. युवराज को भारत के महान हरफनमौला खिलाड़ियों में गिना जाता है. वह भारत की टी20 वर्ल्ड कप-2007 और वर्ल्ड कप-2011 जीत का अहम हिस्सा रहे थे.


युवराज ने 2017 में वनडे टीम में वापसी की थी. इसके बाद उनकी नजरें आईसीसी वनडे वर्ल्ड कप 2019 पर थीं. भारतीय टीम मैनेजमेंट को नंबर 4 पोजिशन के लिए सही बल्लेबाज की तलाश थी. बाएं हाथ के बल्लेबाज युवराज का वनडे में औसत 41.33 था, लेकिन फिटनेस की वजह से उन्हें टीम में जगह नहीं मिली थी. वह वेस्टइंडीज दौरे के बाद यो-यो टेस्ट क्लियर नहीं कर पाए थे. लिहाजा उन्हें श्रीलंका के खिलाफ सीरीज में ड्ऱॉप कर दिया गया था.


बीसीसीआई ने युवराज को यो-यो टेस्ट में फेल होने के बावजूद उन्हें फेयरवेल मैच देने के लिए कहा था, लेकिन युवराज ने इससे इंकार कर दिया. इसके बाद जब युवराज सिंह ने यो-यो टेस्ट पास किया, तब तक टीम प्रबंधन आगे बढ़ चुका था. युवराज सिंह ने 2019 के वर्ल्ड कप के दौरान इंटरनैशनल क्रिकेट से संन्यास ले लिया. रिटायरमेंट के एक साल बाद युवराज ने क्रिकेट बोर्ड के बारे में कहा कि उनके करियर के अंत में बोर्ड का रुख पेशेवर नहीं था.


युवराज सिंह ने स्पोर्ट्सकीड़ा से बात करते हुए कहा, ”उन्हें कोई आश्चर्य नहीं हुआ था, क्योंकि वर्ल्ड कप विनर्स हरभजन सिंह, वीरेंद्र सहवाग और जहीर खान का भी यही हश्र हुआ था.” उन्होंने कहा, ”बोर्ड ने करियर के अंतिम समय में जिस तरह मुझे मैनेज किया, वह गैर पेशेवर रवैया था. लेकिन जब मैं मुड़कर देखता हूं तो पाता हूं कि हरभजन, सहवाग और जहीर खान जैसे महान खिलाड़ियों को भी बोर्ड ने ठीक से मैनेज नहीं किया. तो लगता है कि यह भारतीय क्रिकेट का हिस्सा है, इसलिए मुझे कोई आश्चर्य नहीं हुआ.”


उन्होंने आगे कहा कि भविष्य में बोर्ड को उन खिलाड़ियों को जरूर सम्मान देना चाहिए, जो भारत के लिए इतने लंबे समय के लिए खेला हो. युवराज ने कहा, ”गौतम गंभीर ने हमारे लिए दो वर्ल्ड जीते. सुनील गावस्कर के बाद सहवाग हमारे लिए टेस्ट क्रिकेट में मैच विनर रहे. लक्ष्मण, और जहीर जैसे खिलाड़ियों को सम्मान मिलना चाहिए.”


बता दें कि 2007 के बाद से युवराज सिंह टीम के नियमित सदस्य बन गये थे. उन्होंने तीन टी-20 वर्ल्ड कप खेले, लेकिन 2014-15 के वनडे सीजन में वह टीम से बाहर रहे. युवराज ने रणजी में लगातार तीन शतक लगाए, लेकिन उन्हें 2015 के वर्ल्ड कप में नहीं चुना गया. 2017 में उनकी टीम में वापसी हुई, लेकिन यह वापसी केवल सात माह की रही. इस दौरान युवराज ने 11 वनडे और तीन टी-20 खेले मैच खेले.


बता दें कि युवराज सिंह ने करियर में 40 टेस्ट, 304 वनडे और 58 टी20 इंटरनैशनल मैच खेले. उनके नाम टेस्ट में 1900, वनडे में 8701 और टी20 इंटरनैशनल में कुल 1177 रन दर्ज हैं. इसके अलावा उन्होंने अपने इंटरनैशनल करियर में कुल 148 विकेट भी झटके.


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