विदेशों में योगी की टीम को मिल रहा जोरदार समर्थन, UP में निवेश के लिए 20 हजार करोड़ के MOU साइन

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार (Yogi Government) ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2023 के जरिए 10 लाख करोड़ के निवेश की तैयारियों में जोरों-शोरों से जुटी है। प्रदेश सरकार के मंत्री और अधिकारी विदेश के दौरे पर हैं। पिछले 3 दिनों के भीतर विदेश कंपनियों ने 20 हजार करोड़ से ज्यादा के निवेश के लिए एमओयू साइन किए हैं। अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, कोरिया और ब्राजील के निवेशकों ने यूपी में निवेश (Investment in UP) का भरोसा दिया है।

लुलु ग्रुप में 5000 करोड़ से ज्यादा के निवेश पर सहमति

जानकारी के अनुसार, यूएई दौरे पर मंत्री राकेश सचान और पीडब्ल्यूडी के प्रमुख सचिव नरेंद्र भूषण समेत कई अफसरों ने अबूधाबी व कई जगहों पर विदेशी निवेशकों संग बैठकें कीं। इसका रिजल्ट ये रहा कि लुलु ग्रुप में 5000 करोड़ से ज्यादा के निवेश पर सहमति दी है। वहीं, अलाना ग्रुप ने 1000 करोड़ के निवेश की सहमति दी। इस टीम ने दस हज़ार करोड़ रुपए के निवेश पर निवेशकों से बातचीत की है।

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एमएसएमई मिनिस्टर राकेश सचान की अगुवाई वाला प्रतिनिधिमंडल यूएई के अबुधाबी पहुंचा। मंगलवार को प्रतिनिधिमंडल ने वीपीएच हेल्थकेयर के डॉ. शमशीर से मुलाकात की और मेडिकल और फैसिलिटेशन के क्षेत्र में निवेश का आमंत्रण दिया। बातचीत के दौरान वीपीएच हेल्थकेयर भी उत्तर प्रदेश में निवेश को उत्सुक नजर आया।

फूड सेक्टर में 300 करोड़ का इन्वेस्ट करेगा एग्रिस्टो बेल्जियम

वहीं, बेल्जियम में औद्योगिक विकास मंत्री और पीडब्ल्यूडी मिनिस्टर जितिन प्रसाद की अगुवाई वाले प्रतिनिधिमंडल ने एग्रिस्टो बेल्जियम के साथ निवेश पर चर्चा की। इस दौरान कंपनी की बिजनेस हेड स्टेफनी ड्यूमोर्टियर ने उत्तर प्रदेश सरकार के बिजनौर में फूड सेक्टर पर 200 करोड़ रुपए निवेश किए हैं और उनके 2023 में 300 करोड़ रुपए और खर्च करने की योजना है।

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यही नहीं, 2025 में भी कंपनी 200 करोड़ रुपए का निवेश करेगी। इस अवसर पर स्टेफनी ड्यूमोर्टियर ने प्रदेश सरकार के सहयोग की तारीफ की और यूपी में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर भरोसा जताया। प्रतिनिधिमंडल ने फ्लिक्सिस ग्रुप के डायरेक्टर बेन से भी मुलाकात की और प्रदेश में ग्रीन हाइड्रोजन सेक्टर में निवेश इंटेंट को लेकर बातचीत की।

ऑस्ट्रेलिया में 3 अहम एमओयू हुए साइन

उधर, जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह की अगुवाई में प्रतिनिधिमंडल ने ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी पहुंचा। इस दौरान उत्तर प्रदेश सरकार और यूनिवर्सिटी के बीच विभिन्न क्षेत्रों में भागीदारी को लेकर भी चर्चा हुई। साथ ही बैठक के बीच वाटर रिसोर्स मैनेजमेंट और स्किल डेवलपमेंट व डिजास्टर मैनेजमेंट में आम भागीदारी के लिए तीन महत्वपूर्ण एमओयू पर भी हस्ताक्षर किए गए।

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इससे पहले सिडनी में रोड शो के दौरान विभिन्न क्षेत्रों के निवेशकों को उत्तर प्रदेश सरकार के फोकस फैक्टर पर प्रकाश डाला गया। प्रतिनिधिमंडल ने अर्बन टास्क फोर्स ऑस्ट्रेलिया (यूटीए) के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की और सीईओ टॉम फॉरेस्ट को ओडीओपी के उत्पाद भेंट स्वरूप प्रदान किए गए। इस अवसर पर राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस भी हुई, जिसमें स्वतंत्रदेव सिंह ने यूटीए को इंफ्रास्ट्रक्चर, अर्बन डेवलपमेंट और डिफेंस जैसे सेक्टर में निवेश के लिए आमंत्रित किया।

डिफेंस कॉरिडोर में ब्राजील के निवेशकों को निवेश का प्रस्ताव

वहीं, ब्राजील में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और मत्स्यपालन मंत्री संजय निषाद की अगुवाई में प्रतिनिधिमंडल ने ब्राजीलियन डिफेंस इंडस्ट्री के साथ बैठक की और उत्तर प्रदेश में बन रहे डिफेंस कॉरीडोर में निवेश का प्रस्ताव रखा। इस अवसर पर ब्राजील डिफेंस इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों ने यूपी में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में निवेश व इन्वेस्टर्स समिट में हिस्सा लेने के प्रति उत्साह दिखाया।

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ब्रजेश पाठक ने ट्वीट कर बताया कि यूपी में डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की स्थापना के लिए ब्राजील के रक्षा विशेषज्ञ जनरल ब्रीटो, वरिष्ठ अधिकारियों एवं उद्योगपतियों के साथ विभिन्न विषयों पर प्रभावी एवं सार्थक चर्चा हुई है। यह प्रतिनिधिमंडल ब्राजीलियन टूरिज्म इंडस्ट्री के 20 प्रतिनिधियों से भी मिला और प्रदेश में टूरिज्म इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश के अवसरों को लेकर बातचीत की। यहां पशुपालन सेक्टर के लीडर्स से भी मुलाकात हुई, जिनमे यूएनईएसपी यूनिवर्सिटी के फर्नान्डो गारसिया और ब्राजीलियन एसोसिएशन ऑफ डेयरी के गुस्तावो शिब शामिल रहे। इनके साथ प्रदेश में पशुओं की जेनेटिक ब्रीड को सुधारने और तकनीक हस्तांतरण पर बात हुई।

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