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TRAI ने कसी टेलीकॉम कंपनियों पर नकेल, अब ग्राहक से नहीं छिप सकेंगी अहम जानकारियां

मोबाइल धारकों के लिए TRAI की तरफ से काफी राहत भरी खबर सामने आ रही है, जिसके अन्तर्गत आगे आने वाले समय में टेलीकॉम कम्पनियां अपने ग्राहकों से उल्टे सीधे प्लान बताकर चीटिंग नहीं कर पाएंगी। दरअसल, नई गाइडलाइन में कंपनियां टैरिफ से जुड़ी कोई भी जानकारी छिपा नहीं सकेंगी। इस गाइडलाइन में टैरिफ (Tariff) की साफ और सही जानकारी देना जरूरी होगा।


ग्राहकों को मिलेगी राहत

जानकारी के मुताबिक, TRAI ने अपने दिशानिर्देशों में कहा है कि अक्सर यह देखा गया है कि दूरसंचार कंपनियों की मौजूदा प्रक्रियाएं उतनी पारदर्शी नहीं है, जितना उन्हें होना चाहिए। कुछ कंपनियां प्राय: अतिरिक्त नियम और शर्तों का प्रकाशन नहीं करती हैं। साथ ही कई बार विभिन्न प्लान के लिए एक ही वेब पेज पर सारे नियम शर्तें लिख देती हैं। ऐसे में यह जानकारी समझने में या तो ग्राहक सक्षम नहीं होते या जानकारियां कहीं खो जाती हैं।


इसलिए ये फैसला लिया गया है कि अब से कंपनियों को 15 दिन के भीतर अपने सेवा क्षेत्र में पोस्टपेड और प्रीपेड के हर टैरिफ प्लान की पूरी जानकारी, किसी ऑफर की संपूर्ण जानकारी ग्राहकों, ग्राहक देखभाल केंद्रों, बिक्री केंद्रों, खुदरा केंद्रों, वेबसाइटों और ऐप पर देनी होगी। इससे ग्राहकों को यह निर्णय लेने में मदद मिलेगी कि उनके लिए कौन सा प्लान बेहतर है और उसके तहत उन्हें क्या सुविधाएं मिलने वाली हैं।


टेलीकॉम कंपनियों को क्या-क्या देनी होगी जानकारी?

सभी प्रकार के प्रीपेड प्लान में मिलने वाले वॉयस कॉल, डाटा और एसएमएस के बारे में साफ तौर पर जानकारी देनी होगी कि कब, कहां कितने मिनट कॉलिंग की जा सकती है और रोज कितने एसएमएस भेजे जा सकते हैं। प्लान खत्म होने के बाद डाटा की स्पीड क्या होगी। इसके बारे में भी बताना होगा।


पोस्टपेड सेवाओं के मामले में प्लान की कीमत से लेकर रेंटल, सिक्योरिटी डिपॉजिट और कनेक्शन फीस आदि के बारे में स्पष्ट जानकारी देनी होगी।


टैरिफ प्लान की अवधि और बिल के भुगतान की अंतिम तारीख के बारे में आसान भाषा में जानकारी देनी होगी ताकि उपभोक्ताओं को समझने में परेशानी ना हो।


बंडल टैरिफ प्लान है तो ग्राहकों को यह बताना होगा कि इसमें नॉन टेलीकॉम सेवाएं कौन-कौन सी हैं। इसके अलावा डाटा, कॉलिंग और एसएमएस के बारे में भी जानकारी देनी होगी। यदि नॉन टेलीकॉम सेवाओं के लिए शुल्क लिए जा रहे हैं तो यह भी बताना होगा।


किसी भी टैरिफ प्लान के साथ मिलने वाले डाटा को लेकर कंपनियों डाटा स्पीड के बार में साफतौर पर जानकारी देनी होगी। जैसे कि किसी प्लान के तहत कितनी स्पीड मिलेगी और प्लान खत्म होने के बाद स्पीड कितनी हो जाएगी।


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