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विदेश से आए 49 तबलीगी जमातियों ने कबूला Covid-19 फैलाने का जुर्म, अदालत ने सुनाई सजा

49 Tablighi jamaat

विदेश से उत्तर प्रदेश आए तबलीगी जमात (Tablighi Jamaat) के 49 नागरिकों (49 People) ने कोरोना फैलाने का अपना जुर्म कबूल कर लिया है। लखनऊ की सीजेएम कोर्ट ने इन सभी को जेल में बिताई गई अवधि और 1500-1500 रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुशील कुमारी ने अपने आदेश में कहा कि कोविड-19 महामारी और असामान्य परिस्थितियों में अभियुक्तों ने उस समय अपराध किया, जब समाज में अविश्वास व डर का माहौल था, इसलिए सभी विदेशी अभियुक्तों को दंडित किया जाता है। इन सभी पर कोविड-19 महामारी और लॉकडाउन के दौरान केंद्र और राज्य की गाइडलाइंस के उल्लंघन का आरोप लगा था। इसके साथ ही टूरिस्ट वीजा पर मस्जिदों में घूम-घूमकर तबलीगी जमात में शामिल होने का भी आरोप लगा है।


अदालत के सामने अभियुक्तों की ओर से कहा गया कि कोविड-19 महामारी एक असामान्य परिस्थिति थी, वो सभी विदेशी हैं। दूरिस्ट वीजा पर भारत आए थे। उनके सभी कागजात वैध हैं। उनके जरिए जानबूझकर कोई कृत्य नहीं किया गया है। वो अपने देश वापस जाना चाहते हैं इसलिए उन्हें कम से कम दंड से दंडित किया जाए। बता दे कि इन आरोपियों के खिलाफ यूपी के बहराइच, सीतापुर, भदोही और लखनऊ में मामले दर्ज किए गए थे।


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वहीं, दिल्ली की एक अदालत ने 35 तबलीगी जमात के सदस्यों के पासपोर्ट जारी करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने इन सभी को निजामुद्दीन मरकज मामले में बरी कर दिया था। दिसंबर 2020 में निजामुद्दीन मरकज से जुड़े 35 विदेशी जमातियों को साकेत कोर्ट ने बारी कर दिया था। सभी पर कोविड महामारी एक्ट के उल्लंघन का आरोप लगा था।


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यह पहला मौका नहीं है, जब इस ममले में जमाती बरी किए जा रहे हैं। इससे पहले भी सैकड़ों जमाती जुर्माना भरने या बरी होने के बाद अपने देशों को वापस जा चुके हैं। मार्च के दौरान ही जमातियों पर चॉर्टड प्लेन से भारत छोड़ने के आरोप लगे थे। बता दें कि निजामुद्दीन मरकज़ में 67 देशों से विदेशी जमाती तबलीग में शामिल होने आए थे। दिल्ली पुलिस ने सभी विदेशी जमतियों से पूछताछ की थी। कोविड महामारी के दौरान भी 20 मार्च के बाद भारत में रुकने के आरोप लगे थे। दिल्ली पुलिस ने इन विदेशी जमातियों के पासपोर्ट और यात्रा दस्तावेज जब्त कर लिए थे।


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