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लव जिहाद: हिंदू लड़कियों को फंसाने और मुसलमान बनाने के लिए पाकिस्तान से हो रही फंडिंग, SIT जांच में बड़ा खुलासा

कानपुर लव जिहाद (Kanpur Love Jihad) मामले में बड़ा खुलासा सामने आ रहा है. एसआईटी (SIT) जांच में मजहबी फरेब के इन मामलों में पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान का कनेक्शन सामने आया है. जांच के मुताबिक हिंदू लड़कियों को प्रेमजाल में फंसाने और उन्हें मुसलमान बनाने के लिए पाकिस्तानी संगठन फंडिग कर रहे हैं. एसआईटी को सभी आरोपियों का लिंक शहर की एक ऐसी मस्जिद से मिला जहां पाकिस्तानी कट्टरपंथी इस्लामिक संगठन का कब्जा माना जाता है. इसी मस्जिद के सहारे पाकिस्तान से आया पैसा धर्म परिवर्तन के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है.



शहर में 50 हजार से अधिक लोग बना रहे जिहादी

लव जिहाद मामले के लिए गठित एसआईटी ने जब पड़ताल की तो पता चला कि पाकिस्तानी संगठन दावते इस्लामी के 50 हजार से अधिक लोग शहर में घूम-घूमकर मुस्लिम समाज के लोगों को कट्टर बना रहे, वे उनमें हिंदुओं के प्रति नफरत और इस्लाम के प्रसार के बीज बो रहे हैं. इनका एजेंडा भोलेभाले मुस्लिमों की मानसिकता बदलकर उन्हें भारत के खिलाफ खड़ा करने की है.



सभी आरोपियों का जुड़ाव एक ही मस्जिद से

एसआईटी के प्रभारी सीओ विकास पांडेय ने बताया कि सभी मामलों की जांच करने के बाद पता चला कि सभी आरोपियों का जुड़ाव शहर की ऐसी मस्जिदों से है, जहां पाकिस्तान कट्टरपंथी विचारधारा के संगठन दावते इस्लामी का कब्जा है. संगठन के अनुयायी शहर का हेडक्वार्टर कही जाने वाली डिप्टी पड़ाव स्थित एक मस्जिद से संगठन का संचालन कर जबरन धर्मपरिवर्तन कराने की सोच का प्रचार प्रसार करते हैं.



उन्होंने बताया कि हेडक्वार्टर से जुड़ी करीब दो दर्जन अन्य मस्जिदों में भी दावत ए इस्लामी का ही हस्तक्षेप होने की जानकारी मिली. जूही लाल कॉलोनी के सभी मामलों में आरोपियों और उनके परिजनों का जुड़ाव भी एक ही मस्जिद से होने की बात सामने आने के बाद एसआईटी ने अपनी जांच का रुख इस ओर मोड़ दिया है. पूर्व में इस संगठन की जांच पड़ताल में एटीएस भी जुटी हुई थी.



भारत से ही मिल रहा करोड़ों का चंदा

एसआईटी प्रभारी विकास पांडेय के मुताबिक इस्लामिक संगठन को देश से करोड़ों रुपयों का चंदा दिए जाने की बात सामने आई है. एसबीआई के एक खाते में यह सारा पैसा एकत्रित किया जाता है, जो जबरन धर्मपरिवर्तन कराने वालों की मदद में इस्तेमाल किया जाता है. एसआईटी शहर से इस संगठन को दिए जाने वाले चंदे का भी डाटा खंगालने में जुटी है.



धर्मांतरण के लिए कई संगठन कर रहे फंडिंग

एसआईटी चीफ एसपी साउथ दीपक भूकर ने बताया कि दावत ए इस्लामी के अलावा भी कई संगठनों के विषय में जानकारी मिली है. इनके संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है. सोशल मीडिया पर भी इन संगठनों की गतिविधि पर नजर रखी जा रही है. यू-ट्यूब पर भी संगठनों के विषय में जानकारी उपलब्ध है, जिनमें चंदे के लिए खातों की भी जानकारी उपलब्ध कराई गई है.शहर की मस्जिदों में मुखबिरों को सतर्क कर दिया गया है.



आर्थिक स्थिति खस्ताहाल फिर भी लग्जरी लाइफ

बता दें कि लव जिहाद मामलों की जांच कर रही स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम (SIT) के हाथ कई अहम सुराग लगे हैं. शुरूआती जांच में सामने आया है कि किदवई नगर के जूही लाल कालोनी के रहने वाले सभी आरोपियों की स्थिति आर्थिक रूप से बेहद खराब है, लेकिन इसके बावजूद वे रहीसों की तरह जीवन जीते थे. इसके अलावा पैसे की तंगी के बावजूद उन्होंने अपने केस की पैरवी के लिए हाई कोर्ट के सबसे महंगे वकील को हायर किया है, जिन्हें आमतौर पर अमीर लोग भी हायर करने से कतराते हैं. ऐसे में एसआईटी का मानना है कि आरोपियों का किसी आंतकी संगठऩ से फंडिंग हो रही है. आशंका ये भी है कि ये लोग इन लड़कियों को स्लीपिंग माड्यूल की तरह इस्तेमाल करना चाहते हैं.



टीनएज में लड़कियों को फँसाओ, बालिग़ होते ही भगा कर इस्लाम क़बूल कराओ

कानपुर में फिजा फातिमा बन चुकी शालिनी यादव मामले के बाद से जिले में देखते ही देखते ऐसे ही एक दर्जन से अधिक मामले सामने आ खड़े हो गए. अगर इन सभी मामलों की केस स्टडी करें तो यह सभी घटनाएं एक ही फर्मूले के तहत हुईं हैं जिसके मुताबिक सभी लड़कियों को टीनएज में फंसाया गया और बालिग होते ही इस्लाम कबूल कराया गया. पुलिस की जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, जानकारी के मुताबिक पुलिस की शुरुआती जांच में पांच लड़कियों का धर्म परिवर्तन कराने वाले एक ही कॉलोनी के हैं सभी किदवई नगर के जूही लाल कालोनी के रहने वाले हैं, इसके साथ ही ये सभी आरोपी आपस में रिश्तेदार हैं.



लव जिहाद के ट्रेनिंग सेंटर की ओर इशारा

लड़कियों के परिजनों ने किदवई नगर की जूही लाल कालोनी में लव जिहाद को बढ़ावा देने के लिए ट्रेनिंग सेंटर चलने और बाहर से फंडिंग का आरोप लगाया है. इसके अलावा परिजनों ने लड़कियों पर वशीकरण, तंत्रमंत्र करने का भी आरोप लगाया है. गुरूवार को बरामद हुई गोविंद नगर इलाके की रहने वाली 18 वर्षीय मुस्कान तिवारी के पास से ताबीज, चाय में डालकर पिलाने वाला कथित रूप से वशीकण पाउडर भी मिला है. पुलिस भी ट्रेंनिग कैंप, बाहर से फंडिंग जैसे आरोपों से इंकार नहीं कर रही है, यही कारण है कि इन्हें जांच के बिंदुओं में शामिल करके एसआईटी इंवेस्टीगेशन कर रही है. टीम एक सप्ताह में अपनी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप सकती है.


Also Read: कानपुर में लव जिहाद के बाद अब ‘हिंदुस्तान मुर्दाबाद-पाकिस्तान जिंदाबाद’, नारा लगाने वाले अब्दुल रहमान की तलाश में जुटी पुलिस


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