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UP: 1 साल तक जांच करने के बाद STF को मिली कामयाबी, खोज निकाले फर्जी तरीके से रिक्रूट हुए 3 सिपाही

STF

उत्तर प्रदेश में तीन साल पहले हुई पुलिस भर्ती परीक्षा में सॉल्वर गैंग ने सेंध लगाई थी। इस गैंग की मदद से पास होकर तीन अभ्यर्थी पुलिस में नौकरी कर रहे हैं। एक साल से एसटीएफ (STF) की टीम मामले की जांच कर रही थी। अब गैंग के तीन सदस्यों को एसटीएफ ने गिरफ्तार कर मामले का पर्दाफाश कर दिया है। गिरफ्तार आरोपी अलीगढ़ में गोंडा के रहने वाले हैं। इनमें से एक सॉल्वर और 2 पुलिस भर्ती परीक्षा में अभ्यर्थी थे। सॉल्वर गैंग की मदद से पुलिस में भर्ती हुए तीन सिपाही भी अब एसटीएफ और पुलिस की रडार पर आ गए हैं।


आगरा से गिरफ्तार हुए तीन आरोपी


एसटीएफ को पुलिस भर्ती परीक्षा में सॉल्वर गैंग के सेंध लगाने की शिकायत एक साल पहले मिली थी। एएसपी राकेश कुमार ने मामले की जांच की। पुलिस में भर्ती हुए और फेल हुए अभ्यर्थियों के भर्ती बोर्ड से डॉक्यूमेंट्स निकलवाए गए। जांच के बाद आगे की कार्रवाई आगरा यूनिट को फील्ड ऑपरेशन के निर्देश दिए गए।


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एसटीएफ के इंस्पेक्टर हुकुम सिंह ने मंगलवार की रात टेढ़ी बगिया तिराहा से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें अलीगढ़ में गोंडा के माती गांव निवासी अभिषेक कुमार, पंकज कुमार और रामप्रकाश शर्मा शामिल हैं। आरोपियो से दो बाइक, तीन मोबाइल, दो आधार कार्ड, पैन कार्ड, तीन प्रवेश पत्र और 1200 रुपये बरामद हुए। इंस्पेक्टर हुकुम सिंह ने बताया कि अभिषेक साल्वर गैंग का सरगना है।


गिरफ्तार अभिषेक ने बताया है कि बुलंदशहर निवासी प्रिंस कुमार उसके साथ दिल्ली के मुखर्जी नगर में स्थित कोडी कैंपस कोचिंग सेंटर में वर्ष 2018 में पढ़ रहा था। प्रिंस को अभिषेक वर्ष 2018 में हुई पुलिस भर्ती परीक्षा में साल्वर के रूप में लाया था। प्रिंस ने अलीगढ़ के गोंडा निवासी जितेंद्र, रजत और अमित कुमार की लिखित परीक्षा दी थी। इसमें रजत और अमित कुमार पास होकर पुलिस कांस्टेबल पद पर भर्ती हो गए।


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अभी ट्रेनिंग करने के बाद अमित को मुजफ्फर नगर जनपद में और रजत को फतेहपुर में तैनाती मिली है। रामप्रकाश, पंकज और रवि कुमार की जगह खुद अभिषेक ने लिखित परीक्षा दी थी। तीनों लिखित परीक्षा में पास हो गए। दौड़ के समय पंकज और रामप्रकाश का बायो मैट्रिक मिलान नहीं हो सका। इसलिए वे भर्ती नहीं हुए। रवि भर्ती हो गया और वर्तमान में इटावा में पुलिस कांस्टेबल की नौकरी कर रहा है। गिरफ्तार आरोपितों के खिलाफ एत्माद्दौला थाने में धोखाधड़ी, कूट रचित दस्तावेज तैयार करने समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।मुकदमे में तीन सिपाहियों समेत छह आरोपित वांछित हैं। उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।


अभिषेक ने बताया कि इस काम में प्रिंस के अलावा हाथरस के सहपऊ निवासी राहुल गोस्वामी भी उसके साथ काम करता है। वर्ष 2018- 19 में हुई पुलिस भर्ती की लिखित परीक्षा में उन्होंने अपना बायोमैट्रिक लगाकर परीक्षा दी थी। इसके लिए अभ्यर्थियों ढाई से चार लाख रुपये तक लिए थे।अभिषेक भर्ती के दौरान ताजगंज थाने से गिरफ्तार कर जेल भेजा था। तब ये मामले नहीं खुल सके थे।


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एसटीएफ की पूछताछ में मामला सामने आने के बाद पुलिस में भर्ती हुए तीनों सिपाहियों को मुकदमे में नामजद किया गया है। अब शासन से अनुमति मिलने के बाद तीनों को गिरफ्तार किया जाएगा।


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