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UP: त्रिपुरा के रास्ते 100 से अधिक रोहिंग्या को घुसपैठ करा चुका था मोहम्मद नूर, फर्जी दस्तावेज बनाकर बसाने का करते थे काम

UP ATS Human trafficking

यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार प्रदेश में ऑपरेशन रोहिंग्या (Rohingya) चला रही है. यूपी एटीएस (UP ATS) की सक्रियता के चलते प्रतिदिन नए-नए खुलासे हो रहे हैं. आतंकवाद निरोधक दस्ता के ताजे खुलासे के मुताबिक त्रिपुरा सीमा से बांग्लादेश व म्यांमार से अवैध घुसपैठ कराने वाले गिरोह के सरगना मोहम्मद नूर उर्फ नूरुल इस्लाम ने 100 से अधिक रोहिंग्याओं को भारत में घुसाया है. इनमें महिलाएं भी शामिल हैं. इतना ही नहीं उसने फर्जी दस्तावेज बनवाकर इन्हें यहां बसाने का काम भी किया है. यह लोग महिलाओं को बेचने का काम भी करते थे. यूपी एटीएस अब नूर के अन्य साथियों की तलाश में जुट गई है. बांग्लादेश व म्यांमार के नागरिकों को लगातार सीमा पार कराए जाने को लेकर भी सुरक्षा-व्यवस्था के सवाल खड़े हो रहे हैं.


मामले की जानकारी देते हुए एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार (Prashant Kumar ADG Law & Order) ने बताया कि इस गिरोह के बारे में मानव तस्करी की जानकारी मिली थी. जिसके बाद इसके लिए टीमें गठित कर काम शुरू किया गया. जांच के दौरान पता चला कि मानव तस्करी का मुख्य सरगना मोहम्मद नूर कुछ रोहिंग्या व बंगलादेशी नागरिकों के साथ ट्रेन ब्रह्मपुत्र मेल से दिल्ली जा रहा है, इसपर यूपी एटीएस की टीम ने पांच लोगों गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर उतारा और पूछताछ की गई.


गिरोह के सरगना मोहम्मद नूर ने बताया कि उनका एक साथी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर उनसे मिलने आने वाला है. एटीएस की टीम ने उसे भी हिरासत में ले लिया गया. सभी को लखनऊ एटीएस मुख्यालय लाया गया और पूछताछ की. पता चला कि हिरासत में लिए गए उक्त छह में से दो किशोरियों और एक व्यक्ति को तस्करी के लिए मोहम्मद नूर लेकर दिल्ली जा रहा था.


उन्होंने बताया कि यह गिरोह म्यांमार व बांग्लादेश से महिलाओं व बच्चों को अवैध तरीके भारत लाकर यहां फर्जी दस्तावेज बनवा कर बेच देते थे. उन्होंने बताया कि इस गिरोह का सरगना मुहम्मद नूर उर्फ नूरुल इस्लाम है जो रोहिंग्या व बांग्लादेशी महिलाओं को शादी तथा पुरुषों व बच्चों को फैक्ट्रियों में काम करने का लालच देकर अवैध तरीके से भारत में लाकर उन्हें फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भारत में बसाता है व शादी कराने तथा बेहतर जिंदगी मुहैया कराने झांसा देकर उन्हें असामाजिक तत्वों के हाथों बेच देता है.


इसके बदले में ये मानव तस्कर ऐसे पीड़ित व्यक्तियों, महिलाओं व बच्चों का आर्थिक, शारीरिक व मानसिक शोषण करते हैं. उन्होंने बताया कि इनके बारे में पता यह भी चला है कि ये तस्कर इस काम से बड़ी मात्रा में धन अर्जित कर रहे हैं और आपस में इस धन का लेन देन भी कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए गए तीनों व्यक्तियों को न्यायालय में पेश किया गया है. इन सभी को रिमांड पर लेकर आगे की पूछताछ की जाएगी.


गिरफ्तार मोहम्मद नूर मूल रूप से बांग्लादेश का रहने वाला है लेकिन पिछले काफी दिनों से त्रिपुरा में रह रहा था. जबकि रहमतुल्ला और शबीउर्रहमान म्यांमार का रहने वाला है. इनके पास से मोबाइल, आधार कार्ड, पैनकार्ड, बांग्लादेश का नागरिकता पहचान पत्र, रेलवे टिकट, यूएनएचसीआर का कार्ड, पांच बांग्लादेशी टका, 24 हजार 480 रुपये बरामद किए हैं. पूछताछ के लिए लखनऊ एटीएस मुख्यालय लाई गई किशोरियों को आशा ज्योति केंद्र भेज दिया गया है.


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