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UP विधान परिषद चुनाव: BJP को 12 में से 10 सीट मिलना तय, SP की 2 में से 1 पर फंस सकता है पेंच, जानें सदन का सियासी गणित

mlc election in uttar pradesh

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में विधान परिषद (UP MLC Election 2021 ) की 12 रिक्त हुई सीटों पर एमएलसी चुनावों को लेकर सभी राजनीतिक पार्टियों की जोर आजमाइश शुरू हो चुकी है. एमएलसी की इन 12 सीटों के लिए 11 जनवरी से नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जो 18 जनवरी तक चलेगी। 19 जनवरी को नामांकन पत्रों की जांच और 21 जनवरी तक नाम वापसी का समय होगा, जबकि 28 जनवरी को सुबह 9:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक मतदान का समय है. उसी दिन शाम 5:00 बजे के बाद मतगणना भी शुरू हो जाएगी.


ये है सदन का गणित

बता दें कि यूपी की विधान परिषद में 1 सीट जीतने के लिए 32 वोटों का होना जरूरी है और अगर सीटों की गणित को देखा जाए तो भारतीय जनता पार्टी के पास 310 विधायक हैं जिनके आधार पर वह सीधे-सीधे अपने सहयोगी दलों के साथ मिलकर 10 सदस्यों को विधान परिषद पहुंचा सकती है. क्योंकि अपना दल की विधायकों की संख्या भी भारतीय जनता पार्टी के साथ ही जाएगी सपा के 48 सदस्य हैं, जबकि बसपा के 18 सदस्यों में से 5 ने बीते नवंबर में हुए राज्यसभा चुनाव के बाद पार्टी से बगावत कर दी थी.


बसपा ने अपने बागी नेताओं को नोटिस जारी किया है, जबकि रामवीर उपाध्याय को पार्टी ने सदस्यता से निलंबित कर दिया है. इस लिहाज से पार्टी सदस्यों की संख्या 10 के करीब मानी जा रही है. वहीं, कांग्रेस के 7 विधायकों में से दो बागी रुख अपनाए हुए हैं, जिसके चलते 5 ही विधायक पार्टी के साथ हैं.


सहयोगी दलों की ये है स्थिति 

ठीक इसी तरह अगर समाजवादी पार्टी भी बसपा से नाराज हुए विधायकों का वोट लेने में सफल हो जाती है तो वह भी अपने दो प्रत्याशियों को सदन में पहुंचा सकती है. इसके अलावा राष्ट्रीय लोक दल के एक विधायक और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के भी 4 विधायकों को सपा अपने खेमे में रखने की कोशिश जारी रखेगी. इसके अलावा कांग्रेस के भी विधायकों पर सपा और भाजपा दोनों की नजर होगी.


इन नेताओं का पूरा हो रहा कार्यकाल

आगामी 30 जनवरी 2021 को विधानसभा क्षेत्र की परिषद में 11 सीटें रिक्त हो रही हैं। एक सीट नसीमुद्दीन सिद्दीकी की सदस्यता रद्द होने से पहले से ही रिक्त चल रही है। परिषद के सभापति रमेश यादव‚ उप मुख्यमंत्री व नेता सदन डॉक्टर दिनेश शर्मा‚ नेता विपक्ष अहमद हसन के साथ ही भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह का कार्यकाल भी खत्म होगा। इनके साथ ही आशू मलिक‚ रामजतन राजभर‚ वीरेंद्र सिंह‚ साहब सिंह सैनी‚ धर्मवीर सिंह अशोक‚ प्रदीप कुमार जाटव‚ लक्ष्मण प्रसाद आचार्य का कार्यकाल भी खत्म होगा.


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