Video: आसान भाषा में ‘राफेल डील’ को फायदे का सौदा बताकर सोशल मीडिया पर छाईं ‘पल्लवी जोशी’

राफेल एयरक्राफ्ट डील में घोटाले का आरोप लगाकर विपक्ष मोदी सरकार को घेरने में जुटा है. वह इस मामले को संसद भवन में उठाने के साथ ही 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी भुनाने की तैयारी कर रही है. मानसून सत्र के दौरान भी राफेल डील का मुद्दा संसद में उठाया गया था. इस पर हुए हंगामे के कारण मोदी सरकार राज्यसभा में तीन तलाक विधेयक को पास नहीं करवा पाई थी. अब इसी मामले पर फिल्म और टीवी की जानी-मानी अभिनेत्री पल्लवी जोशी का एक वीडियो सामने आया है. इस वीडियों के जरिए उन्होंने आसान भाषा में राफेल डील को समझाने की कोशिश की है. उन्होंने बताया है कि कैसे यह डील हमारे लिए फायदे का सौदा है औऱ सरकार ने 12 हजार करोड़ रुपए की बचत की है.

 

वीडियो में पल्लवी ने राफेल डील को हाईटेक लॉक्स के जरिए समझाने की कोशिश ने की है. वह बताती हैं, हमारी बिल्डिंग के लॉक्स को अपग्रेड करने की बात कई सालों से हो रही थी. पुराने सेक्रेटरी किसी फ्रेंच कंपनी से बात करने की बात करते रहे जो हमें पासवर्ड प्रोटेक्टिड लॉक्स देने वाले थी. लेकिन दस साल हो गए उन्होंने कुछ नहीं किया. तो जब मैं सेक्रेटरी बनी तो मुझे पता चला कि पुराने सेक्रेटरी केवल लॉक खरीदने की बात कर रहे थे. उसका क्या फायदा जब उसमें वीडियो डोरफोन ही ना हो. अब इतनी एडवांस तकनीक के लॉक अगर हम खरीदेंगे तो उसके साथ उसका मेटेंनेस, रिपेयर इसपर भी तो खर्चा होगा. साथ ही तकनीक जैसे-जैसे बढ़ेगी हमें उन लॉक्स को अपग्रेड भी करना पड़ेगा. अब इन सारी चीजों की कीमत 10 हजार से भी ऊपर जा रही थी. तो मैंने उसी फ्रांस की कंपनी के टॉप बॉस से बात की तो मुझे पता चला कि कागजों पर कोई कॉन्ट्रैक्ट है ही नहीं. पुराने सेक्रेटरी जिन लॉक्स को 5 हजार में खरीदने का दावा कर रहे थे उन्हें मैंने 4 हजार में खरीद लिया.

 

पल्लवी ने आगे बताया, फिर मैंने इस पूरी डील को रीनेगोशिएट किया. साथ में यह शर्त भी रख दी लॉक्स के कुछ हिस्सों का निर्माण भारत में होगा. ताकि यदि उसमें कोई परेशानी आए तो हमें उसे ठीक करवाने के लिए बार-बार विदेश ना भागना पड़े. यह सारी डील मैंने 7 हजार में पक्की की. कहां उनके 10 हजार और कहां 7 हजार. राफेल डील भी यही है. एक तो हमें फाइटर प्लेन सस्ते में मिल गए और इसके साथ मिसाइल भी मिल गईं. जो हम भारत से ही दुश्मन देशों पर दूर तक चला सकते हैं. इसके साथ ही प्लेन के कई पार्ट्स हमारे देश में बनेंगे. बता दें कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी राफेल डील के मुद्दे पर सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण पर निशाना साध चुके हैं. हाल ही में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान राहुल ने प्रधानमंत्री और रक्षामंत्री पर देश से झूठ बोलने का आरोप लगाया था.

 

 

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