Makar Sankranti 2022: जानें कब है मकर संक्रांति ?, इन दो तारीखों में हो रही है उलझन

महज दो दिन बाद साल का सबसे पहला त्योहार मकर संक्रांति आने वाला है। जिसकी तैयारियां भी शुरू हो गई। इस त्योहार को सभी जगह अलग अलग नामों के साथ मनाया जाता है। पर पंचांग के अनुसार कई लोग इस भ्रम में है कि मकर संक्रांति का त्योहार 14 को सेलिब्रेट किया जाएगा या फिर 15 को। इस बार मकर संक्रांति का समय स्थान को ध्यान में रखकर देखा जा रहा है, तो अलग-अलग आ रहा है। आइए जानते हैं इसके बारे में।

ये है पंचांग की मान्यता

काशी के ज्योतिषाचार्य चक्रपाणि भट्ट के अनुसार, 14 जनवरी दिन शुक्रवार की रात 08:49 बजे सूर्य मकर राशि में प्रवेश कर रहा है, इसलिए मकर संक्रांति का पुण्य काल 15 जनवरी दिन शनिवार को दोपहर 12:49 बजे तक रहेगा। इस स्थिति में मकर संक्रांति 15 जनवरी को मनाई जाएगी। 15 जनवरी को ही स्नान-ध्यान, दान-पुण्य आदि करना अच्छा रहेगा। वहीं दृक पंचांग के अनुसार, दिल्ली को आधार मानकर देखा जाए तो इस साल की मकर संक्रांति का पुण्य काल 14 जनवरी को दोपहर 02 बजकर 43 मिनट से शुरू हो रहा है और यह शाम 05 बजकर 45 मिनट तक है। ऐसे में सूर्य देव का मकर राशि में प्रवेश दोपहर 02 बजकर 43 मिनट पर ही हो रहा है। इस आधार पर मकर संक्रांति 14 जनवरी को मनानी चाहिए।

अब स्थान आधारित पंचांग देखने पर पुण्य काल अलग अलग प्राप्त हो रहा है। इस वजह से ही मकर संक्रांति की तरीख को लेकर लोगों में उनझन की स्थिति बनी हुई है। हालांकि ज्योतिषाचार्य दोनों ही दिन को ठीक बता रहे हैं। ऐसी स्थिति में आपके स्थान पर पंचांग अनुसार मकर संक्रांति का जो पुण्य काल मान्य हो, उस आधार पर 14 जनवरी या 15 जनवरी में से किसी भी दिन मकर संक्रांति मना सकते हैं।

जनवरी को 29 साल बाद दुर्लभ संयोग

इस साल 14 जनवरी को 29 साल बाद दुर्लभ संयोग बना है कि सूर्य और शनि ग्रह एक साथ मकर राशि में होंगे। ऐसा योग 1993 में बना था।

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