UP में ITI स्टूडेंट्स के लिए रोजगार का पिटारा खोलेगी योगी सरकार, तैयार की प्रमोशन एंड प्लेसमेंट पॉलिसी

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार (Yogi Government) औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में पढ़ रहे स्टूडेंट्स के लिए जल्द रोजगार का पिटारा खोलने जा रही है। आईटीआई प्रमोशन एंड प्लेसमेंट पॉलिसी 2022 (ITI Promotion and Placement Policy 2022) के तहत स्टूडेंट्स को रोजगार के तमाम मौके मुहैया कराए जाएंगे।

डायरेक्ट प्लेसमेंट की दी जाएगी सुविधा

आईटीआई सीधे उद्योगों से जुड़ेंगे और उनकी मांग के अनुसार दक्ष मानव संसाधन उपलब्ध कराएंगे। स्टूडेंट्स को यह फायदा होगा कि उन्हें पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। उनके सामने अवसरों की भरमार होगी। सीएम योगी के निर्देश पर तैयार की गई आईटीआई प्रमोशन एंड प्लेसमेंट पालिसी 2022 के तहत विद्यार्थियों को डायरेक्ट प्लेसमेंट की सुविधा दी जाएगी।

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कैंपस में ही कंपनियां आकर उनके सामने रोजगार के एक से बढ़कर एक विकल्प रखेंगी और होनहार विद्यार्थियों को रोजगार देंगी। नई पालिसी के ड्राफ्ट के अनुसार युवाओं को प्रशिक्षण प्राप्त करते ही कैंपस प्लेसमेंट की सुविधा दी जाएगी।सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) की स्थानीय, राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर की इकाइयों व सेवा इकाइयों से समझौता पत्र (एमओयू) पर साइन किया जाएगा।

प्रतिष्ठित कंपनियों व संस्थानों के साथ नियमित समन्वय स्थापित करते हुए मासिक रोजगार मेले और वृहद स्तर पर रोजगार मेले आयोजित किए जाएंगे। सरकारी आइटीआई के साथ-साथ निजी आइटीआइ को भी उपयोगी बनाया जाएगा। कौशल विकास की ट्रेनिंग देकर विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनाने की कोशिश की जाएगी।

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ऑन जाब ट्रेनिंग का दिया जाएगा मौका

नए ड्राफ्ट के अनुसार राजकीय आइटीआई स्तर पर किए जाने वाले एमओयू में आन जाब ट्रेनिंग का अवसर दिया जाएगा। यानी जो युवा नौकरी कर रहे हैं उन्हें नौकरी करते-करते ही ट्रेनिंग का अवसर दिया जाएगा। एमओयू पांच वर्ष के लिए किया जाएगा।

राजकीय आइटीआई के सफल प्रशिक्षणार्थियों के लिए कैंपस प्लेसमेंट के लिए ऐसी प्लेसमेंट सेवा प्रदाता कंपनियां जो निश्शुल्क कार्य करती हैं, उनके साथ अनुबंध किया जाएगा। पूर्व छात्रों की मदद से वर्तमान छात्रों को ट्रेनिंग दिलाई जाएगी। सफल उद्यमी बन चुके पूर्व छात्रों की मदद से प्लेसमेंट कराया जाएगा।

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वहीं, आइटीआई में बाजार की मांग के अनुसार नए-नए कोर्स शुरू किए जाएंगे। पुराने कोर्सों का पाठ्यक्रम बदला जाएगा। नव प्रयोगों को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा। विद्यार्थियों को इसके पर्याप्त अवसर दिए जाएंगे। कुशल एवं आत्मनिर्भर युवा शक्ति तैयार करने पर जोर दिया जाएगा।

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