ग्रेने में 2 बिल्डिंगो के नीचे दबने से कई लोगों की मौत 3 शव बरामद, गैर इरादत हत्या का मामला दर्ज

ग्रेनो वेस्ट स्थित शाहबेरी गांव में खेत की जमीन पर काटी गई कॉलोनी में मंगलवार रात दर्दनाक हादसा हुआ। यहां 6 और 7 मंजिल की दो बिल्डिंग भर भराकर गिर गईं।बिल्डिंग के मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका है। एनडीआरएफ के साथ आईटीबीपी के जवान बचाव कार्य में लगे हैं साथ ही पुलिस और फायर ब्रिगेड भी लोगों की मदद से राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। डीएम ने एसडीएम को इमारत हादसे की जांच सौंप दी है। 15 दिन में जांच की रिपोर्ट मांगी गई है। जेवर विधायक ठाकुर धीरेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे हैं।

 

 

इस बीच NDRF की टीम ने 3 शवों को मलबे से निकाल लिया है।रेस्क्यू ऑपरेशन अभी जारी है। केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि लोगों की जान बचाना हमारी प्राथमिकता है। एनडीआरएफ की 4 टीम के साथ डॉग स्क्वॉड की टीम भी मौके पर बचाव कार्य में जुट गई है। बिसरख कोतवाली प्रभारी अखिलेश त्रिपाठी ने बताया कि इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जमीन मालिक गंगा शरण द्विवेदी और दो ब्रोकर को हिरासत में लिया गया है। गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है। बिल्डर की तलाश जारी है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले का संज्ञान लिया है। उन्होंने जिलाधिकारी से बात कर कहा है कि एनडीआरएफ और पुलिस की मदद से तुरंत राहत और बचाव कार्य को अंजाम दिया जाए।

 

 

बताया जा रहा है एक बिल्डिंग में कुछ परिवार रहते थे और दूसरी में कुछ अन्य समेत लगभग 30-40 लोग मौजूद थे। लोग हादसे की वजह मानकों से कम निर्माण सामग्री और कम मंजिल की अनुमति के बाद अधिक मंजिलें खड़ी करना बता रहे हैं। बिसरख कोतवाली क्षेत्र के ग्रेटर नोएडा वेस्ट में शाहबेरी गांव के खेत में कुछ वर्ष पूर्व कॉलोनी काटी गई। बताया गया है कि इसी भूमि पर बिल्डरों ने कई मंजिलों भवनों का निर्माण शुरू कर दिया।  यहीं पर एक 6 मंजिला बिल्डिंग निर्माणाधीन थी। यह बिल्डिंग मंगलवार रात लगभग 9.30 बजे करीब स्थित सात मंजिला तैयार मंजिल पर बिल्डिंग पर गिर पड़ी। इससे दोनों बिल्डिंग धराशायी हो गई। बताया गया है कि 7 मंजिला बिल्डिंग में कुछ परिवार रहे थे और निर्माणाधीन बिल्डिंग में भी कुछ लोग हुए मजदूर मौजूद थे लोगों के मलबे में दबे होने के कारण संख्या का पता नहीं चल पाया।

 

हालांकि वहां मौजूद लोग 30 से 40 लोगों के दबे होने की आशंका जता रहे हैं। सूचना मिलने पर बिसरख कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई कुछ देर बाद फायर बिग्रेड भी पहुंची। रात लगभग 11.00 बजे गाजियाबाद से एनडीआरएफ की टीम भी विभिन्न उपकरणों को लेकर मौके पर पहुंचकर राहत बचाव कार्य में जुट गई।

 

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