देश के प्रधानमंत्री ने आज नमो ऐप के जरिए किसानों से बात की। इस बातचीत के दौरान उन्होंने कृषि क्षेत्र की बेहतरी के लिये सरकार द्वारा की गई पहलों के बारे में भी बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि किसान हमारे अन्नदाता हैं, वो हमें भोजन देते हैं। देश की अर्थव्यवस्था को बदलने का पूरा श्रेय सिर्फ किसानों को ही जाता है। PM मोदी ने कहा कि देश के विकास के लिए किसानों ने खून-पसीना एक कर दिया।
उन्होंने कहा कि इस दौरान किसानों का विकास सिकुड़ता चला गया। समय के साथ किसानों का विकास होना चाहिए था, लेकिन हम ये नहीं कर सके। अब पिछले चार साल में हमने किसानों के लिए कई दिशाओं में काम किया है, जिसका किसानों को फायदा भी मिला है। 2022 तक किसानों की आय दोगुना करना हमारा लक्ष्य है, इसके लिए हमने अपनी नीतियों में भी बदलाव किया।
जो लोग यह पूरा संवाद देख रहे हैं, उन्हें बहुत गर्व होगा हमारे किसानों पर, उनकी मेहनत पर, उनकी प्रगति पर और उनके नए प्रयोगों पर: PM @narendramodi
— PMO India (@PMOIndia) June 20, 2018
जब हम आय दोगुनी करने की बात करते हैं तो लोग हमारा मज़ाक उड़ाते हैं : पीएम मोदी
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब हम आय दोगुनी करने की बात करते हैं तो लोग हमारा मज़ाक उड़ाते हैं। किसान आज रिस्क लेने को तैयार है, परिणाम देने को भी तैयार है और उसने अभी तक ऐसा ही किया है। चार बिंदुओं पर ध्यान दे किसानों की आय दोगुनी की जा सकती है।

प्रधानमंत्री ने बताया कि इस बार हमने MSP को बढ़ाया है, जिससे किसानों को फायदा होगा। इस बार कई ऐसे बिंदुओं को लाया गया है, जो किसानों को सीधा लाभ पहुंचाएंगे। पीएम मोदी ने कहा कि हमने पिछली सरकार के बजट से दोगुना बजट किसानों के लिए जारी किया. आज देश में अनाज, फल, सब्जियां और दूध का रिकॉर्ड उत्पादन हो रहा है। PM ने इस दौरान सॉयल हेल्थ कार्ड, नीम कोटिंग के जरिए किस तरह किसानों को फायदो हो सकता है इसके बारे में बताया।
उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि किसानों को खेती की पूरी प्रक्रिया में हर कदम पर मदद मिले, यानि बुआई से पहले, बुआई के बाद और फसल कटाई के बाद। उन्होंने कहा कि सीधे तौर पर कहें तो फसलों के तैयार होने से लेकर बाजार में उसकी बिक्री तक, यानि ‘बीज से बाजार तक’ फैसले लिए जा रहे हैं। किसान कल्याण के लिए एक पूरी व्यवस्था बने, उस दिशा में हम बढ़ रहे हैं। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर में कई किसानों से बात की।















































