पूर्णिया देश की दूसरी ऐसी जगह, जहां आधी रात में फहराया जाता है तिरंगा

साल 1947 से लगातार हर साल पूर्णिया के भट्ठा बाजार स्थित झंडा चौक पर रात के 12 बजकर 01 मिनट पर झंडा फहराया जाता है.

 

वाघा बॉर्डर के बाद पूर्णिया देश की दूसरी ऐसी जगह है, जहां मध्य रात्रि में तिरंगा फहराया जाता है. आजादी के साल 1947 से लगातार हर साल पूर्णिया के भट्ठा बाजार स्थित झंडा चौक पर रात के 12 बजकर 01 मिनट पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाता है.

 

हर साल की तरह इस साल भी पूर्णिया के सामाजिक कार्यकर्ता विपुल सिंह ने झंडा चौक पर तिरंगा फहराया. इस मौके पर कई जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और सदर विधायक विजय खेमका ने झंडे को सलामी दी.

 

विपुल सिंह कहते हैं कि साल 1947 में जब घड़ी की सुई 12 बज कर 01 मिनट पर पहुंची, ठीक उसी समय भारत के आजादी की घोषणा रेडियो पर की गई. उसी समय पूर्णिया के स्वतंत्रता सेनानी और उनके दादा रामेश्वर प्रसाद सिंह, रामरतन साह और शमशुल हक के साथ मिलकर मध्य रात्रि में भट्ठा बाजार में झंडा फहराया था. उसी समय से हर साल यहां मध्य रात्रि में झंड फहराने की परंपरा चली आ रही है.

 

इस पर सदर विधायक विजय खेमका ने कहा कि यह पूर्णिया ही नहीं, बल्कि बिहार के लिये गौरव की बात है. पूरे देश में आज भी वाघा सीमा के बाद पूर्णिया के झंडा चौक पर मध्य रात्रि को सबसे पहले झंडोत्तोलन किया जाता है. मध्य रात्रि में झंडोत्तोलन स्वाधीनता संग्राम के दिवानों की याद दिलाती है.

 

इस मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, सामाजिक कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि भी कार्यक्रम में शामिल होते हैं. सामाजिक कार्यकर्ता आजाद सिंह पटेल और दिलीप कुमार दीपक ने कहा कि उनके परिजनों ने जैसे ही रेडियो पर देश की आजादी की घोषणा सुनी तभी रात के बारह बजकर एक मिनट पर यहां झंडोत्तोलन किया था. तब से यह परंपरा चली आ रही है.

 

देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करेंआप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं. )